लुधियाना मुठभेड़ की होगी जांच।
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पंजाब के लुधियाना में पुलिस मुठभेड़ में दो गैंगस्टरों की मौत मामले की मजिस्ट्रेट जांच होगी। प्रशासन ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है। साहनेवाल-दोराहा रोड पर स्थित टिब्बा पुल के नजदीक बुधवार की देर शाम को पुलिस ने मुठभेड़ में गैंगस्टर संजीव कुमार उर्फ संजू बामण और शुभम उर्फ गोपी को मार गिराया था।
अब इस मामले में की जांच मजिस्ट्रेट भी करेंगे और जांच रिपोर्ट प्रशासनिक अधिकारियों को देंगे। इसके अलावा कमिश्नरेट पुलिस ने ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर (ग्रामीण) जसकिरणजीत सिंह तेजा की अगवाई में एक एसआईटी का गठन भी किया है। एसआईटी मामले की जांच करेगी और रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंपेगी। उधर, दूसरे दिन मुठभेड़ स्थल पर पुलिस की कई गाड़ियां घूमती रहीं। दूसरे दिन फॉरेंसिक टीम दोबारा जांच करने घटनास्थल पर पहुंची। वहीं पुलिस के उच्चाधिकारियों का भी घटनास्थल पर आना जाना लगा रहा।
पुलिस कमिश्नर कुलदीप सिंह चाहल ने बताया कि अगर किसी जगह पर कोई मुठभेड़ होती है तो उसकी मजिस्ट्रेट जांच अनिवार्य है। इस विषय में डिप्टी कमिश्नर सुरभि मलिक को लिखित में भेजा गया है। इसके अलावा उन्होंने बताया कि मामले की जांच अब एसआईटी भी करेगी। इसमें ज्वाइंट पुलिस कमिश्नर जसकिरणजीत सिंह तेजा, एडीसीपी कासिम सोहेल मीर, एडीसीपी क्राइम और थाना डेहलों के एसएचओ को शामिल किया गया है।
कहां से मिले ऑटोमैटिक हथियार, जांच करने में जुटी पुलिस
बुधवार को लुधियाना कमिश्नरेट की सीआईए-वन टीम को सूचना मिली थी कि दोनों आरोपी साहनेवाल रोड से डेहलों की तरफ जा रहे है। इसके बाद पुलिस ने उनका पीछा किया। करीब ढाई किलोमीटर तक आरोपियों का पीछा किया और टिब्बा पुल के पास आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे एएसआई सुखदीप सिंह के हाथ में लगी। इसके बाद पुलिस की जवाबी फायरिंग में दोनों गैंगस्टरों की मौत हो गई। आरोपियों के पास से दो पिस्तौल, दो मैगजीन और कारतूस मिले हैं। पुलिस यह भी जांच रही है कि आरोपियों तक ऑटोमैटिक हथियार कहां से पहुंचे।