इसमें ग्रामीण विकास और पंचायत, पर्यावरण विभाग के कर्मचारी, गैर-सरकारी संस्थाएं, स्कूलों और कॉलेजों के विद्यार्थी और अन्य किसानों को पराली के उचित प्रबंधन को अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। पराली न जलाने के लिए किसानों को नकद लाभ देने के प्रस्ताव को ठुकराने पर उन्होंने केंद्र सरकार की आलोचना की।
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने धान की फसल उगाने वाले किसानों को प्रति एकड़ 2,500 रुपये देने का प्रस्ताव रखा था। प्रस्ताव के मुताबिक 1,500 रुपये प्रति एकड़ केंद्र सरकार, 500 रुपये पंजाब और 500 रुपये दिल्ली सरकार देगी। कुल मिलाकर प्रति एकड़ किसान को 2500 रुपये मिलेंगे।
पिछली सरकार में कई किसान कृषि यंत्रों पर सब्सिडी का लाभ लेने में असफल रहे और 150 करोड़ रुपये का घोटाला सामने आया है। इसकी रिपोर्ट मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंप दी गई है और किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा। धालीवाल ने उम्मीद जताई कि इस साल एक भी किसान पराली नहीं जलाएगा। उन्होंने किसानों से सहयोग मांगा।