मीडिया रिपोर्टों के आधार पर घटना का एनजीटी ने स्वत: संज्ञान लिया। एनजीटी अध्यक्ष न्यायमूर्ति एके गोयल की अध्यक्षता वाली पीठ ने आठ सदस्यीय तथ्यान्वेषी संयुक्त समिति का गठन किया। इसका नेतृत्व पंजाब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अध्यक्ष करेंगे।
आठ सदस्यीय समिति में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय निदेशक (उत्तर), औद्योगिक विष विज्ञान अनुसंधान केंद्र (लखनऊ), पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल के नामित, पंजाब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, लुधियाना जिला मजिस्ट्रेट और लुधियाना नगर निगम के आयुक्त शामिल होंगे। पंजाब राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समन्वय और अनुपालन के लिए नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा। समिति मंगलवार से एक सप्ताह के भीतर बैठक करेगी है और एक महीने के भीतर तथ्यों की जांच करेगी।
समिति जान गंवाने वाले लोगों के बारे में जानकारी हासिल करेगी। वहीं प्रभावित लोगों पर गैस के असर का आंकलन करेगी। समिति ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए भविष्य में किए जाने वाले उपायों की सिफारिश भी कर सकती है। एनजीटी ने कहा कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए पर्यावरणीय मानदंडों का पालन सुनिश्चित करना राज्य का दायित्व है।