फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

भगवान जगन्नाथ बीमार, मंदिर में आरती बंद

Sun, 15 Jun 2014 08:02 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
विज्ञापन
विज्ञापन
भगवान जगन्नाथ देव स्नान पूर्णिमा दिन शुक्रवार को 108 घड़े पानी से स्नान कराए जाने के बाद बीमार हो गए। वे अंसार घर में चले गए। अब वे विश्राम करेंगे।
विज्ञापन


मंदिर के पुजारियों ने उनका जड़ी बूटियों से इलाज शुरू कर दिया। 15 दिनों तक इलाज चलेगा। मंदिर परिसर में जोर से बोलने पर भी पाबंदी लगा दी गई है। पूरा दिन धार्मिक आयोजन चलता रहा। काफी संख्या में भक्त मंदिर में पहुंचे।
Trending Videos

भक्तों को दर्शन देना बंद कर दिया

रात में शयन आरती के बाद भक्तों को दर्शन देना भी बंद कर दिया। घंटा घड़ियाल, शंख बजना बंद हो गया। मंदिर के पुजारी पंडित लक्ष्मी धर दास ने बताया कि भगवान का इलाज 26 जून तक पीपल, शहद, जावित्री केसर आदि से होगा।

27 को भगवान का नेत्र उत्सव होगा। 28 जून को उभायात्रा होगी। मंदिर का संचालन करनेवाली कमेटी उत्कल सांस्कृतिक संघ के प्रचार सचिव एसके नंदा ने बताया कि भगवान के बीमार होने पर मंदिर में आरती भी नहीं होगी।
विज्ञापन

29 जून को नगर भ्रमण पर निकलेंगे भगवान जगन्नाथ

29 जून को भगवान रथ पर विराजमान होकर नगर भ्रमण पर निकलेंगे और भक्तों को दर्शन देंगे। इस दौरान वे मौसी के घर जाएंगे। वहां से वे सात जुलाई को श्री मंदिर में विराजमान होंगे।

मौसी के घर से श्री मंदिर में आने की यात्रा को बहुडा यात्रा कहा जाता है। मंदिर के पुजारी लक्ष्मी धर दास ने बताया कि यह करीब नौ सौ वर्ष पुरानी प्रथा चली आ रही है।

लक्ष्मी धर दास ने बताया कि भगवान के बीमार होने का मतलब यह है कि वे भी आम आदमी की तरह बीमार होते हैं। उनका भी इलाज होता है। यह धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें