उन्होंने छिपकली वाली प्लेट को अंदर लेकर जाने की कोशिश की लेकिन डॉक्टर बंसल ने प्लेट नहीं छोड़ी। इसके बाद बंसल ने फोन कर पुलिस बुला ली। इस बीच देर तक हंगामा चला। पुलिस के आने पर डॉक्टर बंसल ने लिखित में शिकायत दी। एएसआई धर्मेंद्र ने चने-भटूरे की प्लेट को कब्जे में लेकर सेक्टर-16 स्थित खाद्य सुरक्षा विभाग को मामले की जानकारी दी। इसके बाद फूड इंस्पेक्टर निशा स्याल मौके पर पहुंचीं और सैंपल लिए। जेके बंसल ने बताया कि फूड इंस्पेक्टर को मौके पर आने में करीब डेढ़ घंटा लग गया। इस बीच संचालकों ने रेस्टोरेंट की रसोई की सफाई करवा दी। उन्होंने दावा किया कि छिपकली का बच्चा जिंदा था।
एलातें मॉल ने घटना पर जताया खेद
इस मामले में एलांते मॉल की ओर से बयान जारी कर कहा गया कि अयान फूड्स की ओर से संचालित फूड कोर्ट परिसर में हुई घटना खेदजनक है। एलांते मॉल प्रबंधन स्वच्छता और सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाएगा। वहीं भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए फूड कोर्ट में खाद्य सुरक्षा ऑडिट में अधिकारियों की सहायता करेंगे।
फूड कोर्ट के मालिक बोले- इस विवाद से हमारा कोई नाता नहीं
एलांते मॉल में फूड कोर्ट का संचालन करने वाले अयान फूड्स के मालिक पुनीत गुप्ता ने कहा कि हम सभी सावधानियां बरतते हैं। कीड़ों को मारने के लिए आवश्यक उपाय भी करते हैं। फूड कोर्ट में हुई घटना एक आउटलेट की है। इससे हमारा कोई लेना देना नहीं है। हमने सिर्फ दुकान लीज पर दी है।
ग्राहक जिस टेबल पर बैठकर खा रहे थे, छिपकली उसी के ऊपर छत से आकर उनकी प्लेट में गिर गई। हमने उन्हें समझाने का काफी प्रयास किया। रुपये वापस करने और खाना दोबारा देने की भी अपील की लेकिन उन्होंने बात नहीं मानी। संतोष, मालिक, सागर रत्ना रेस्टोरेंट एलांते मॉल
ऐसा खाना खाने से जान को भी हो सकता है खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि छिपकली जहरीली होती है। खाने-पीने की चीजों में गिरने से उसका जहर फैल जाता है। जिस खाने में छिपकली गिरी हो और उसका सेवन कर लिया जाए तो उल्टी, पेट दर्द, शरीर में जलन आदि समस्याएं हो सकती हैं। खाने की मात्रा कम होने पर जहर का असर अधिक हो सकता है। जान को भी खतरा हो सकता है।