छह घंटे की लंबी चर्चा के बाद सरकार के खिलाफ लाया गया कांग्रेस का अविश्वास प्रस्ताव धराशायी हो गया। हरियाणा की मनोहर लाल सरकार को 55 विधायकों का साथ सदन में मिला। वहीं 32 विधायकों ने कांग्रेस के अविश्वास प्रस्ताव के समर्थन में मत किया। अविश्वास प्रस्ताव गिरते ही कांग्रेस विधायकों ने सदन में जमकर नारेबाजी शुरू कर दी। इस दौरान हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने महाभारत से जुड़ी एक कहानी भी सुनाई। वहीं हुड्डा ने भी सीएम की कहानी का जवाब दिया।
हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कांग्रेस पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि वह अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए कांग्रेस के अहसानमंद हैं। मुझे अपनी छह साल की सरकार का लेखा-जोखा रखने का मौका मिला। सत्ता को लेकर कांग्रेस की मृगतृष्णा। इसमें पानी नहीं रेत ही मिलेगा। सीएम ने कहा विपक्ष का विश्वास तो कभी नहीं मिलेगा, हमें तो जनता का विश्वास जीतना है।
आप एक लोकतांत्रिक रिकॉर्ड बनाइये और हर छह महीने में अविश्वास प्रस्ताव लेकर आइए। इस बार तो आपने मान लिया है कि सरकार के पास बहुमत है। इस दौरान मुख्यमंत्री ने शायराना अंदाज में कांग्रेस पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की अविश्वास वाली शैली उसे कोई लाभ नहीं देने वाली। कांग्रेस को हर बार अविश्वास होता है, चाहे वो सरकार हो या फिर सर्जिकल स्ट्राइक।
कांग्रेस को कोरोना वैक्सीन पर भी अविश्वास
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि कांग्रेस को कोरोना वैक्सीन पर अविश्वास है। कांग्रेस को इस संस्कृति को बदलना चाहिए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने राहुल गांधी के बयान का उल्लेख करते हुए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष को उत्तर भारतीयों पर भी अविश्वास है।
अविश्वास इतना हो गया कि आज के इस प्रस्ताव को लाने का कोई मतलब नहीं था फिर भी लाये। जबकि, इससे कुछ निकलने वाला नहीं था। सरकार को गिराने की स्थिति में होते तो ले आते। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि घर में नहीं दाने, अम्मा चली भुनाने। सीएम मनोहर लाल ने कहा कि विपक्ष को इस प्रस्ताव से खुश होने की जरूरत नहीं। हमारा जनता के साथ विश्वास बना है। कांग्रेस की स्थिति बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना वाली है।
मनोहर लाल ने कहा कि कृषि कानूनों पर स्टे लगने के बाद भी कांग्रेस लगी पड़ी है। अब यह मामला कोर्ट है। जब कानूनों से स्टे हटेगा तब नफा-नुकसान देखेंगे। उन्होंने कहा कि कांग्रेस आंदोलन को पूरा समर्थन करती है। इस पर भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि आंदोलन का कोई दल नेतृत्व नहीं कर रहा है। आप भी चलो हम भी चलते हैं, किसानों को समझाते हैं। रोज-रोज किसानों का मरना अच्छा लगता है।
सीएम ने कहा कि एपीएमसी एक्ट के सेक्शन 42 खत्म करने में हमें आपत्ति नहीं। अगर किसान कोर्ट के पचड़ों में फंस जाएंगे तो दीवानी मुकदमे कितने लंबे चलते हैं आपको पता है। इसमें प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत है, जिससे किसान का हित हो। अगर सेक्शन 42 हटाना है या 8 ए हटाना है तो हटाने को तैयार, पूरा सदन एकमत होना चाहिए। इसमें कानून के जानकार सदस्यों की एक कमेटी बना देते हैं। उसमें सरकार प्रस्ताव लाकर नई व्यवस्था 15-16 मार्च तक लागू कर देगी। सीएम के इस प्रस्ताव पर हुड्डा ने कहा कि हम इसका समर्थन करते हैं। प्रदेश हित में सरकार के साथ हैं।
नहीं रद्द होंगे कृषि कानून
सीएम ने कहा कि किसान आंदोलन से दो महीने 13 दिन में उद्योगों को साढ़े 11 हजार करोड़ का नुकसान हुआ है। इसमें माल फंसना, आर्थिक नुकसान व अन्य कई तरह की हानियां शामिल हैं। आंदोलन लंबा नहीं चलना चाहिए। समाधान का रास्ता निकलेगा। सीएम ने आगे कहा कि आंदोलन से किसानों का भी नुकसान हुआ है। कृषि कानूनों में संशोधन ही होंगे। चाहे सुप्रीम कोर्ट करे या फिर बातचीत से केंद्र सरकार करे। रद्द होने होते तो दो माह पहले ही हो चुके होते।
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान गृह मंत्री अनिल विज और कांग्रेस विधायक कुलदीप वत्स में गरमा-गरमी हो गई। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने माहौल को शांत कराया। हुड्डा ने कहा कि विज मेरे दोस्त लेकिन इनके पास न तो आंख और न ही कान। इनके पास सीआईडी नहीं। सीएम ने जवाब देते हुए कहा कि आपकी यह आग लगाने की आदत आपकी ही लंका को जलायेगी।
जजपा विधायक बबली बोले- देंगे इस्तीफा
अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान जजपा विधायक देवेंद्र बबली ने बोलने की मांग की तो उन्हें मौका नहीं मिला। इस पर बबली गुस्सा हो गए। उन्होंने जब अविश्वास प्रस्ताव पर बोलने की मांग की तो विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि उनका नाम लिस्ट में नहीं है। उनके नेता ने उनका नाम नहीं दिया है तो गुस्साए बबली ने कहा कि वे इस्तीफा देंगे। यह कौन होते हैं, उनको बोलने से रोकने वाले।
मुख्यमंत्री घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं : शंकुतला खटक
कांग्रेस विधायक शकुंतला खटक ने कहा कि जो भावुकता मुख्यमंत्री ने हमारे लिए दिखाई, वैसी ही बॉर्डर पर बैठी महिलाओं के लिए भी दिखाएं। इसके बाद विपक्षी दलों के सदस्य वेल में पहुंचकर कर नारेबाजी करने लगे। उन्होंने कहा कि वह खुद को पुरुष से कम नहीं मानती। यहां तक कि सदन में बैठीं सभी महिला विधायकों व बाहर की सभी महिलाएं पुरुषों से कम नहीं हैं। महिलाएं आज आसमान छू रहीं।
मुख्यमंत्री ही कहते हैं पुरुषों के समान बनो और अब हमने अपने प्रदर्शन में ट्रैक्टर को धक्का लगा दिया तो सीएम साहब घड़ियाली आंसू बहा रहे हैं, इमोशनल ड्रामा कर रहे। इस दौरान खटक ने किसानों पर कविता सुनाई। मुख्यमंत्री से बॉर्डर पर बैठीं महिलाओं की तरफ ध्यान देने की अपील की।
तीन प्रदेशों में बची कांग्रेस की सरकार : कमल गुप्ता
भाजपा विधायक कमल गुप्ता ने कहा कि जनता के समर्थन से बनी सरकार को चुनौती देने की कांग्रेस ने अविश्वास प्रस्ताव के जरिये नापाक कोशिश की है। गुप्ता ने कहा कि अविश्वास प्रस्ताव से सरकारें नहीं बदलती, जनता के पास जाओ। न तो कांग्रेस केंद्र में, न ही राज्य में, मुश्किल से तीन प्रदेश में सरकार बची है।
चीन-पाक पर तीखी बहस
कांग्रेस विधायक किरण चौधरी ने कहा कि नए कृषि कानून किसानों को निचोड़ने वाले हैं। किसान आज दिल्ली बॉर्डर पर अनेक परेशानियों को झेलते हुए बैठे हैं। हम नहीं कह रहे कि मंडियां बंद हो रही लेकिन जो कानून बनाए गए हैं, उनसे मंडियां अपने आप बंद हो जाएंगी। इस पर कृषि मंत्री जेपी दलाल और किरण चौधरी के बीच नोकझोंक हो गई।
किरण चौधरी ने कृषि मंत्री के बयान का उल्लेख किया और कहा कि कृषि मंत्री ने किसान आंदोलन के पीछे चीन-पाकिस्तान की साजिश बताई थी। इस पर कृषि मंत्री ने कहा कि वे हमारे दुश्मन देश हैं। चीन कांग्रेस का दोस्त है, हमारा नहीं। वहीं भाजपा विधायक अभय यादव ने राफेल, सीएए व किसान आंदोलन के जरिये कांग्रेस पर निशाना साधा। जमीन के लिए किसान अपने बच्चों की बलि भी दे सकता है। कांग्रेस ने किसान को जमीन जाने का डर दिखाकर बरगलाया। इससे वे आंदोलित हुए।