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Chandigarh: पीजीआई में खाली आवासों की सूची वेबसाइट पर होगी अपलोड, एक क्लिक पर देख सकेंगे

Wed, 26 Oct 2022 01:24 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

एक तरफ संस्थान के 200 से ज्यादा आवास खाली पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पीजीआई प्रशासन अपने कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 15 लाख रुपये आवास भत्ता दे रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि आवास अलॉट न कर अधिकारी मनमानी करने के साथ ही सरकार की आर्थिक क्षति भी करवा रहे हैं।
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पीजीआई चंडीगढ़
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विस्तार
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चंडीगढ़ पीजीआई में वर्षों से चली आ रही आवास अलॉटमेंट की समस्या का हल ढूंढ लिया गया है। पीजीआई प्रशासन ने खाली आवासों की मौजूदा स्थिति से अपने फेकल्टी और कर्मचारियों को अवगत कराने के लिए इसकी सूची संस्थान की वेबसाइट पर अपडेट करने का निर्णय लिया है। इससे जहां एक तरफ फेकल्टी और कर्मचारियों को खाली आवासों की वस्तुस्थिति की जानकारी मिलेगी, वहीं पीजीआई प्रशासन भी इससे अवगत रहेगा कि मौजूदा समय में संस्थान में कितने और किस प्रकार के आवास खाली पड़े हैं।

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गौरतलब है कि संस्थान के अंतर्गत पीजीआई परिसर और सेक्टर-24 स्थित सरकारी आवासों में अलॉटमेंट की समस्या काफी समय से चली आ रही है। पीजीआई प्रशासन की अनदेखी के चलते लगभग 200 से ज्यादा आवास काफी समय से खाली पड़े हैं। वहीं आवास को लेकर फेकल्टी और कर्मचारी परेशान हैं। अलॉटमेंट की प्रक्रिया धीमी होने से उन्हें पीजीआई से काफी दूर आवास लेना पड़ रहा है जिससे उन्हें भारी-भरकम किराया भी चुकाना पड़ रहा है। इसके अलावा समय की बर्बादी भी हो रही है।

खाली आवासों की बिगड़ रही हालत
पीजीआई परिसर में रह रहे कर्मचारियों और डॉक्टरों का कहना है कि खाली पड़े होने से आवासों की जहां स्थिति खराब हो रही है, वहीं उनमें असामाजिक तत्वों के अलावा चोरी जैसी घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। संस्थान के आवासीय परिक्षेत्र में ऐसे दर्जनों मकान खाली पड़े हैं जिसमें दरवाजे और खिड़कियां टूटी हुई हैं। यहां पर झाड़ियां उगी हुई हैं। किसी खाली आवास के बाहर मलबे का ढेर लगा हुआ है तो किसी में जानवरों का बसेरा हो गया है। 

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आवास होने के बावजूद भत्ता देकर करा रहा आर्थिक क्षति 
एक तरफ संस्थान के 200 से ज्यादा आवास खाली पड़े हैं, वहीं दूसरी तरफ पीजीआई प्रशासन अपने कर्मचारियों को प्रतिमाह लगभग 15 लाख रुपये आवास भत्ता दे रहा है। कर्मचारियों का कहना है कि आवास अलॉट न कर अधिकारी मनमानी करने के साथ ही सरकार की आर्थिक क्षति भी करवा रहे हैं।

अलग-अलग श्रेणी में इतना दिया जा रहा आवास भत्ता 

  • श्रेणी           देय भत्ता 
  • टाइप 6      9500 रुपये 
  • टाइप 7      8700, 8900 रुपये 
  • टाइप 8      7600 रुपये 
  • टाइप 9      5400 से 6600 रुपये 
  • टाइप 10    4600 से 4800 रुपये 
  • टाइप 11    4200 रुपये 
  • टाइप 12    2000, 2400 व 2800 रुपये 
  • टाइप 13    1900 रुपये 
  • टाइप 14    1300 से 1800 रुपये
 
आवास संबंधी समस्या को दूर करने के लिए तय किया गया है कि प्रत्येक माह हाउस अलॉटमेंट कमेटी की मीटिंग की जाएगी। वहीं इससे जुड़ी अपडेट वेबसाइट पर अपलोड होगी। फेकल्टी और कर्मचारी एक क्लिक पर संस्थान के खाली आवासों की मौजूदा स्थिति जान सकेंगे। वहीं पीजीआई प्रशासन को भी इससे जुड़ी हर चीज की जानकारी होगी। - कुमार गौरव, डीडीए व प्रवक्ता पीजीआई।
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