बदलते मौसम ने शरीर के तापमान को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लोग तेजी से वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इनमें बच्चों के साथ बड़े व बुजुर्ग भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड से बचें। खान-पान और साफ-सफाई का ख्याल रखें। चंडीगढ़ के जीएमएसएच-16 समेत शहर के अन्य अस्पतालों की इमरजेंसी में भारी संख्या में वायरल बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या सबसे अधिक रही।
रुमाल नहीं, टिश्यू पेपर का करें प्रयोग
भारतीय बाल अकादमी की सदस्य एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन बवेजा का कहना है कि देखा गया है कि अभिभावक बच्चे की बहती नाक और चेहरे को बार-बार पोंछने के लिए एक सूती रुमाल साथ रखते हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे बच्चे हर बार फिर वायरस के संपर्क में आ रहे होते हैं। कपड़े के रुमाल के मुकाबले गीला व मेडिकेटिड स्किनकेयर वाइप्स और टिश्यू पेपर त्वचा पर सौम्य अहसास कराते हैं। वाइप्स व टिश्यू पेपर उपयोग करने के बाद आसानी से फेंके जा सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि माता-पिता को तत्काल अपने हाथ साबुन व पानी से अच्छी तरह धोने चाहिए, जिससे उनके हाथों से चिपके हानिकारक बैक्टीरिया धुलकर निकल जाएं और बच्चा उसके संपर्क में न आए।
साफ-सफाई का रखें ध्यान
जीएमएसएच-16 की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सद्भावना ने बताया कि बैक्टीरिया और वायरस के लिए मच्छर, मक्खी, पिस्सू और कॉकरोच सबसे सक्रिय वाहक होते हैं। बच्चे इनका आसानी से निशाना बन जाते हैं। घर साफ-सुथरा होने पर भी ये कीड़े हमेशा घरों में घुसने और हमला करने का तरीका ढूंढते हैं। माता-पिता को अपने घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए घर के अंदर किसी भी बंद नाली या चैनल और आसपास पानी एकत्र न होने दें। सुबह और शाम के समय अपने बच्चों को घर से बाहर कम ही निकलने दें।