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Viral Fever: लापरवाही सेहत पर पड़ सकती है भारी, रुमाल से न पोंछें बच्चे का चेहरा, इन बातों का रखें ध्यान

Wed, 26 Oct 2022 01:04 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जीएमएसएच-16 की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सद्भावना ने बताया कि बैक्टीरिया और वायरस के लिए मच्छर, मक्खी, पिस्सू और कॉकरोच सबसे सक्रिय वाहक होते हैं। बच्चे इनका आसानी से निशाना बन जाते हैं। घर साफ-सुथरा होने पर भी ये कीड़े हमेशा घरों में घुसने और हमला करने का तरीका ढूंढते हैं।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बदलते मौसम ने शरीर के तापमान को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। लोग तेजी से वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इनमें बच्चों के साथ बड़े व बुजुर्ग भी शामिल हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि ठंड से बचें। खान-पान और साफ-सफाई का ख्याल रखें। चंडीगढ़ के जीएमएसएच-16 समेत शहर के अन्य अस्पतालों की इमरजेंसी में भारी संख्या में वायरल बुखार के मरीज पहुंच रहे हैं। इनमें बच्चों की संख्या सबसे अधिक रही। 

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रुमाल नहीं, टिश्यू पेपर का करें प्रयोग
भारतीय बाल अकादमी की सदस्य एवं बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. गुंजन बवेजा का कहना है कि देखा गया है कि अभिभावक बच्चे की बहती नाक और चेहरे को बार-बार पोंछने के लिए एक सूती रुमाल साथ रखते हैं, जो बेहद खतरनाक हो सकता है। इससे बच्चे हर बार फिर वायरस के संपर्क में आ रहे होते हैं। कपड़े के रुमाल के मुकाबले गीला व मेडिकेटिड स्किनकेयर वाइप्स और टिश्यू पेपर त्वचा पर सौम्य अहसास कराते हैं। वाइप्स व टिश्यू पेपर उपयोग करने के बाद आसानी से फेंके जा सकते हैं। सबसे जरूरी बात यह है कि माता-पिता को तत्काल अपने हाथ साबुन व पानी से अच्छी तरह धोने चाहिए, जिससे उनके हाथों से चिपके हानिकारक बैक्टीरिया धुलकर निकल जाएं और बच्चा उसके संपर्क में न आए। 

साफ-सफाई का रखें ध्यान
जीएमएसएच-16 की बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. सद्भावना ने बताया कि बैक्टीरिया और वायरस के लिए मच्छर, मक्खी, पिस्सू और कॉकरोच सबसे सक्रिय वाहक होते हैं। बच्चे इनका आसानी से निशाना बन जाते हैं। घर साफ-सुथरा होने पर भी ये कीड़े हमेशा घरों में घुसने और हमला करने का तरीका ढूंढते हैं। माता-पिता को अपने घरों और आसपास स्वच्छता बनाए रखने पर ध्यान देना चाहिए। मच्छरों को पनपने से रोकने के लिए घर के अंदर किसी भी बंद नाली या चैनल और आसपास पानी एकत्र न होने दें। सुबह और शाम के समय अपने बच्चों को घर से बाहर कम ही निकलने दें।

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बुखार के साथ आ रहे ये लक्षण
  • रोगी तेज और गर्म सांसें लेता है
  • बुखार के साथ थकान हो सकती है
  • पूरे शरीर में दर्द होता है
  • सर्दी-जुकाम या खांसी होना
  • जोड़ों में दर्द होना
  • त्वचा पर लाल चकत्ते पड़ना
  • कंपकंपी और सर्दी
  • गले में खराश और दर्द होना
  • सिर में दर्द होना
  • आंखों का लाल होना
  • रोगी के मुंह में हमेशा कड़वापन रहना
  • माथे का बहुत तेज गर्म होना
  • भूख और प्यास न लगना

इन बातों का रखें ध्यान
  • पानी पीना सेहत के लिए बहुत अच्छा होता है। प्रतिदिन कम से कम 7-9 गिलास पानी का सेवन करें।
  • सूप, हरी सब्जियों का सेवन करें।
  • सर्दी के मौसम में गुनगुने पानी से स्नान करें।
  • लहसुन को खाने में जरूर शामिल करें।
  • बुखार से बचने के लिए ठंड से बचना जरूरी है।
  • एक साफ कपड़े की पट्टियों को ठंडे पानी से भिगोकर निचोड़ लें और फिर बुखार से पीड़ित के माथे और गर्दन पर रखें। ऐसा करने से शरीर के तापमान को नियंत्रित करने में लाभ मिलता है।
  • वायरल में गाजर खाएं, इससे रोग-प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और कीटाणुओं से लड़ने में मदद मिलती है।

आहार में इसे करें शामिल
  • उबली हुई सब्जियों का सेवन ज्यादा करना चाहिए।
  • बुखार के दौरान प्रोटीन को अपने आहार में शामिल करें।
  • अंडे का सेवन करें क्योंकि इसमें ज्यादा मात्रा में प्रोटीन होता है।
  • नमकीन दलिया, खिचड़ी की तरह बनाकर खा सकते हैं।
  • दोपहर या रात के समय मूंग दाल की खिचड़ी खा सकते हैं। इससे अपच की समस्या नहीं होगी।
  • बुखार में नारियल पानी पीना बहुत फायदेमंद होता है।
  • बुखार में रात में हल्का भोजन करना चाहिए। भोजन के साथ सब्जियों का सलाद भी खाएं। इसके अलावा बुखार में रात के भोजन में सूप जैसे-चिकन सूप, सब्जियों के सूप आदि बहुत लाभकारी होते हैं।
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