बुड़ैल जेल के बाहर बम निष्क्रिय करता दस्ता।
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बुड़ैल जेल के पीछे आरडीएक्स मिलने के मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। इस घटना के तार जर्मनी में बैठे आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी से जुड़ रहे हैं। पुलिस ने घटनास्थल का डंप डाटा उठाया था, जिसमें एक संदिग्ध नंबर मिला है, जो घटना वाले दिन से ही बंद है। पुलिस का दावा है कि इस नंबर से आखिरी कॉल जर्मनी में बैठे आतंकी जेएस मुल्तानी को की गई थी। वहीं, पुलिस को घटना के पांच दिन बाद जांच के दौरान घटनास्थल से एक डेटोनेटर और एक मोबाइल भी मिला था। इस मोबाइल के तार भी आतंकी जेएस मुल्तानी से जुड़ रहे हैं।
आतंकी जसविंदर सिंह मुल्तानी का लुधियाना बम ब्लास्ट मामले में भी लिंक सामने आया था। घटना के बाद से ही पुलिस सक्रिय है। 23 अप्रैल को बुड़ैल जेल के पीछे दीवार के पास बम मिला था। इस दौरान चंडीगढ़ पुलिस प्रशासन को आर्मी और एनएसजी की मदद लेनी पड़ी थी। 24 अप्रैल को एनएसजी की टीम ने धमाका करवाकर बम को डिफ्यूज किया था।
बम मिलने के 5 दिन बाद बम डिटेक्शन स्क्वॉड बुड़ैल जेल के पीछे सर्च कर रही थी। इस दौरान टीम को एक काले रंग का रेडमी का मोबाइल और एक डेटोनेटर मिला। जांच के दौरान इस फोन के लिंक भी मुल्तानी से मिले। टीम ने तत्काल पूरी सामग्री सीएफएसएल को जमा करा दी है। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
अब तक पुलिस को यह सामान हो चुका है बरामद
तीन डेटोनेटर, टिफिन बम, एक किलो विस्फोटक, कीलें और जले हुए कोडेक्स तार, एक उर्दू अखबार, नाखूनों वाला एक छोटा पॉलीपैक, कुछ प्रिंटआउट जिस पर खालिस्तान एक्शन फोर्स लिखा है, एक रेडमी 9-ए मोबाइल फोन।
डंप डाटा उठाने के बाद संदिग्ध नंबर की जांच की गई। एक नंबर लगातार बंद था, इसलिए उसे चेक किया गया। इसके तार आतंकी जेएस मुल्तानी से जुड़े मिले हैं। वहीं जेल के पास से एक संदिग्ध मोबाइल भी मिला है। यह भी जेएस मुल्तानी से जुड़ा है। मामले की जांच की जा रही है। - रामगोपाल, डीएसपी