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चंडीगढ़: आओ पर्यावरण सुरक्षा का लें संकल्प, साइकिल को बनाएं कार का विकल्प

Wed, 22 Sep 2021 01:19 PM IST
Trainee Trainee अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़

सार

नगर निगम आयुक्त ने बताया कि आजादी का 75वां अमृत महोत्सव केंद्र सरकार की ओर से मनाया जा रहा है। शहर के लोगों के लिए पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना चलाई जा रही है। जो वरदान साबित हो सकती है। इस वक्त कुल 5 हजार साइकिलें लोगों के लिए रखी गई हैं। वहीं, डॉकिंग स्टेशन 617 बनाए गए हैं और वर्तमान में 1250 साइकिलें चल रही हैं।
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साइकिलगिरी समूह के सदस्य - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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पर्यावरण की सुरक्षा के लिए सिटी ब्यूटीफुल में स्मार्ट साइकिलों के रूप में शुरू की गई पहल वरदान साबित हो सकती है। पब्लिक बाइक शेयरिंग योजना के अंतर्गत शहर में 617 डॉकिंग स्टेशन से 5 हजार साइकिलें चलनी हैं। वर्तमान में 155 डॉकिंग स्टेशन से 1250 साइकिलों का संचालन किया जा रहा है। तीन फेज में कंपनी को शहर में साइकिलों का जाल बिछा देगी। यह साइकिलें सड़कों पर यातायात का दबाव कम करने और प्रदूषण कम करने में काफी मदद करेंगी।

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स्मार्ट सिटी योजना के अंतर्गत 2022 तक योजना पूरी होनी है। साइकिल संचालन के लिए शहर में 210 किमी का साइकिल ट्रैक भी बनाया गया है। हालांकि इस योजना को लेकर लोगों का रुझान काफी अच्छा रहा। साइकिल फॉर चैलेंज योजना के अंतर्गत स्मार्ट सिटी को एक करोड़ रुपये का पुरस्कार भी मिला था। साइकिल चलाने के लिए अब तक 55 हजार 252 लोगों ने सदस्यता भी ले ली है। सदस्यों ने 61296 राइड की हैं। साथ ही अब तक 52067 घंटे में 490368 किमी साइकिल चलाई है। 

  • कुल साइकिलें - 5 हजार
  • कुल डॉकिंग स्टेशन- 617
  • वर्तमान में चल रहीं साइकिलें - 1250
  • वर्तमान में डॉकिंग स्टेशन - 155
  • कुल साइकिल ट्रैक - 210 किमी

सेहत हमको प्यारी, साइकिल से है यारी

45 साल से साइकिल चला रहा, कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा की है
साइकिल से प्रेम तो बचपन से ही रहा। 45 साल से साइकिल चला रहा हूं। कश्मीर से कन्याकुमारी तक की यात्रा साइकिल से कर चुका हूं। साइकिल फेडरेशन ऑफ इंडिया का भी सदस्य रहा। मेरे स्वस्थ रहने का एक बड़ा कारण साइकिल ही है। कार का इस्तेमाल कैंपस में कभी नहीं करता। मेरे बच्चे भी साइकिल चलाते हैं। कार का बहुत कम इस्तेमाल करते हैं। - डॉ. राकेश मोहिंद्रा, पुस्तकालय विभाग, पीयू
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तीन साल से लगातार साइकिल से ही आ रहा हूं दफ्तर

13 साल पहले साइकिल खरीदी थी। शहर में कहीं भी जाना हो तो साइकिल का ही इस्तेमाल करता हूं। तीन साल से लगातार साइकिल से ही ऑफिस आता-जाता हूं। साइकिल चलाने के बाद बहुत अच्छा महसूस करता हूं। अपने को फिट महसूस करता हूं। कई लोगों को साइकिल के फायदे मैंने बताए तो उन्होंने भी इसे अपनाया। वह भी साइकिल का सर्वाधिक उपयोग कर रहे हैं। - प्रो. एमसी सिद्दू, वनस्पति विज्ञान विभाग, पीयू
 
15 साल से हर शनिवार साइकिल से ही आता हूं दफ्तर
लगभग 15 वर्षों से प्रत्येक शनिवार साइकिल से ही अस्पताल आता हूं। उसके अलावा अपने छोटे-मोटे कार्य भी साइकिल से ही करना पसंद करता हूं। शाम को अस्पताल के कार्यों से मुक्त होकर नियमित रूप से एक घंटे साइकिल चलाता हूं। एक डॉक्टर होने के नाते मुझे इसके फायदे बखूबी पता हैं, इसलिए मैं मरीजों को भी इसके लिए प्रेरित करता हूं। - डॉ. वीके नागपाल, उप निदेशक, स्वास्थ्य विभाग
 
साइकिल के लिए बेच दी अपनी कार
वर्ष 2016 में सेहत के लिए दौड़ लगाना शुरू किया। दो माह बाद सोचा कि साइक्लिंग की जाए। इससे मेरे साथ पर्यावरण की सेहत भी सुधरेगी। साइकिल खरीदने के बाद ज्यादातर जगह साइकिल से ही जाने लगा। इससे महसूस हुआ कि कार का उपयोग किए बिना ही सभी काम आसानी से किए जा सकते हैं। उसके बाद कार को बेच दिया। मुझे देखकर मेरे दो दोस्तों ने भी साइकिल से ही दफ्तर जाना शुरू कर दिया है। -मुकुलदीप सिंह, निवासी सेक्टर-22
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