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वर्ल्ड कार फ्री डे: साइकिल चला सचिवालय पहुंचे मनोहर लाल, चंडीगढ़ में सलाहकार व निगम आयुक्त ने की ऐसी पहल

Wed, 22 Sep 2021 01:13 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

विश्व कार फ्री डे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने अपने कैबिनेट सहयोगियों के साइकिल से सचिवालय पहुंचे। उधर, चंडीगढ़ में भी अधिकारियों ने साइकिल का इस्तेमाल ऑफिस पहुंचने में किया। अधिकारियों ने कहा कि हमें समाधान का हिस्सा बनना है न कि समस्या का, इसलिए जितना हो सके सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना चाहिए।
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अधिकारियों ने चलाई साईकिल - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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विश्व कार फ्री डे पर हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने साइकिल चला स्वच्छ पर्यावरण का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने अपने कैबिनेट मंत्रियों और विधायकों के साथ अपने आवास से सचिवालय तक साइकिल चलाई। मुख्यमंत्री के साथ कृषि मंत्री जेपी दलाल और परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा भी साइकिल से हरियाणा सिविल सचिवालय पहुंचे। 

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मुख्यमंत्री ने साइकिल चला कर जनता को पर्यावरण के प्रति जागरूक किया। इस दौरान मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि हरियाणा सरकार जल्द ही इलेक्ट्रिक वाहन पॉलिसी लाएगी। उन्होंने कहा कि ज़्यादा से ज़्यादा ई-वाहनों का इस्तेमाल किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने सचिवालय परिसर में इलेक्ट्रिक वाहनों की प्रदर्शनी का उदघाटन किया। सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग की ओर से पर्यावरण के प्रति जागरूक करने के लिए लगाई डिजिटल प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। 




चंडीगढ़ में अधिकारियों ने तीन किमी चलाई साइकिल
वर्ल्ड कार फ्री डे पर चंडीगढ़ को कार मुक्त बनाने और साइक्लिंग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से अधिकारी बुधवार सुबह सुखना लेक पर जुटे। इस दौरान सलाहकार धर्मपाल ने हरी झंडी दिखाकर साइक्लिंग की शुरुआत की। सलाहकार धर्मपाल, ट्रैफिक एसएसपी मनीषा चौधरी, एसपी सिटी केतन बंसल, एएसपी श्रुति अरोड़ा समेत अन्य अधिकारियों ने करीब तीन किलोमीटर तक साइक्लिंग कर शहर को कार मुक्त बनाने को बढ़ावा दिया।
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अधिकारी साइक्लिंग करते हुए सुखना लेक से सेक्टर3/4 चौक घूमकर गवर्नर हाउस होते ही वापस लेक पहुंचे। इस कार्यक्रम का आयोजन चंडीगढ़ ट्रैफिक पुलिस, साइकिलगीरी संस्था और विभिन्न एनजीओ की ओर से मिलकर किया गया था। इस दौरान अधिकारियों ने कहा कि शहर में कारों के लगातार बढ़ने से हालात खराब होते जा रहे हैं।
 
हमें समाधान का हिस्सा बनना है न कि समस्या का, इसलिए जितना हो सके सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना चाहिए। कार्यक्रम को लेकर लोगों में क्रेज ऐसा था कि सुबह साढ़े छह बजे से ही सुखना में भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। कार्यक्रम में मौजूद हर शख्स के चेहरे पर उत्साह नजर आ रहा था। करीब 100 लोगों ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया।


                                              साइकिल चलाते हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल। 

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सलाहकार और निगम आयुक्त साइकिल से पहुंचे दफ्तर 

वर्ल्ड कार फ्री डे पर बुधवार को सलाहकार धर्मपाल और आयुक्त आनिंदिता मित्रा साइकिल से दफ्तर पहुंचीं। वहीं निगम के कर्मचारी भी साइकिल चलाकर दफ्तर आते दिखे लेकिन प्रशासन के कई कर्मचारी व अफसर गाड़ियों से ही दफ्तर पहुंचे। उनका कहना है कि दिनभर में काफी बैठकें हैं। सभी जगह साइकिल  से जाना संभव नहीं है।

सलाहकार धर्मपाल साइकिल ट्रैक व साइक्लिंग के प्रति शहरवासियों की रुचि  देखकर काफी प्रभावित हैं। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ के लोगों के लिए काफी अच्छी सुविधा है। वह इसे प्रोत्साहित करेंगे ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग पेट्रोल-डीजल की गाड़ियों छोड़ साइकिल की सवारी करें। उन्होंने कहा कि अधिकारियों को इसके लिए पहल करनी होगी, ताकि दूसरे लोगों के लिए उदाहरण बन सकें। 

बता दें कि धर्मपाल ने बीते दिनों निर्देश दिया था कि सभी अधिकारी हफ्ते में एक दिन साइकिल से दफ्तर पहुंचेंगे लेकिन इस प्रस्ताव को फिललाल टाल दिया गया है। उनका कहना है कि अधिकारियों के साथ इस पर चर्चा हुई थी लेकिन कई बार अचानक बैठकों में पहुंचना होता है, ऐसे में साइकिल से पहुंचना संभव नहीं है। वहीं निगम व स्मार्ट सिटी की ओर से भी सभी को साइकिल से आने के निर्देश जारी हुए थे।
 
मार्च 2018 में हर बुधवार साइकिल से आने का जारी हुआ था आदेश
मार्च 2018 में नगर निगम के तत्कालीन कमिश्नर जतिंदर यादव ने एक आदेश जारी  कर हर बुधवार को कर्मचारी व अधिकारियों के लिए साइकिल से आना अनिवार्य किया था। पहले ही दिन आदेश का पालन नहीं हुआ और अधिकतर कर्मी अपने वाहनों से ही निगम पहुंचे थे। इन कर्मियों ने अपनी गाड़ी को निगम ऑफिस की पार्किंग में न खड़े कर के निगम ऑफिस के सामने वाली पार्किंग में खड़ा किया और वहां से फिर पैदल आए थे। कुछ महिला कर्मियों को उनके परिजन दोपहिया और चौपहिया वाहनों  पर निगम ऑफिस के सामने छोड़ कर गए थे। कुछ दिनों बाद ये योजना पूरी तरह से फेल हो गई।
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