हरियाणा के पंचकूला में सेक्टर-पांच में शिक्षा सदन का घेराव करने जा रहे प्रदेशभर के कंप्यूटर शिक्षकों को बेला विस्टा चौक के पास घेरकर पुलिस ने जमकर लाठी बरसाई। दो बार लाठीचार्ज किय गया, जिनमें किसी का सिर फटा तो किसी को अंदरूनी चोटें आईं।
15 शिक्षक गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि इतने ही शिक्षकों को मामूली चोटें आईं। घायलों से सबसे ज्यादा उन शिक्षकों की है, जो पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे थे। सभी घायलों को पंचकूला के सेक्टर छह स्थित जनरल अस्पताल में दाखिल करवाया गया, जहां से रोहतक के उमेश को शाम को पीजीआई रेफर करना पड़ा।
ये तमाम शिक्षक निजी कंपनियों के अधीन कांट्रैक्ट पर काम कर रहे हैं। प्रदेश सरकार द्वारा आश्वासन मिलने के बाद भी मांगें पूरी नहीं होने पर पांच दिनों से आमरण अनशन पर बैठे करीब 50 शिक्षकों के साथ प्रदेशभर से आए कंप्यूटर शिक्षक शुक्रवार दोपहर करीब डेढ़ बजे शिक्षा सदन का घेराव करने निकले थे। पुलिस ने उन्हें बेला विस्टा चौक के पास रोक लिया, लेकिन शिक्षक लगातार आगे बढ़ने की कोशिश करते रहे। आखिरकार, पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया।
महिला शिक्षिकाओं को भी खदेड़कर पीटा
बर्बरता इस कदर दिखी कि महिला कंप्यूटर शिक्षिकाओं को भी पुलिस ने खदेड़कर कर पीटा। महिला पुलिसकर्मियों की मौजूदगी होने के बावजूद पुरुष पुलिसकर्मियों ने भी उन्हें पीटा।
भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पानी की बौछारें की, जिससे गिरकर कई महिला शिक्षिकाएं भी चोटिल हुईं। इन शिक्षिकाओं के साथ उनके छोटे बच्चे भी थे और लाठीचार्ज के दौरान उन्हें भी परेशानी झेलनी पड़ी। हालांकि, गनीमत रही कि कोई बच्चा घायल नहीं हुआ।
बेला विस्टा चौक के पास कंप्यूटर शिक्षकों पर पुलिस ने दो बार लाठीचार्ज किया। पहली बार शिक्षकों को रोकने के लिए लाठीचार्ज हुआ तो कुछ देर मामला शांत रहा, लेकिन शिक्षकों का आक्रोश बरकरार था।
पुलिसकर्मियों की बर्बरता के विरोध में शिक्षक पीछे हटने का नाम नहीं ले रहे थे तो पुलिस ने दोबारा उन्हें करीब 200 मीटर तक खदेड़कर पीटा और वाटर कैनन का भी इस्तेमाल किया। कई कंप्यूटर शिक्षकों के सीने पर चोट आईं, जबकि एक कंप्यूटर शिक्षक का पांव टूट गया।
ये कंप्यूटर टीचर जख्मी, एक रेफर
जनरल अस्पताल में दाखिल गंभीर रूप से घायलों में यमुनानगर की रजिया सुल्तान, सोनीपत के दिनेश, अंबाला के बलविंदर शामिल हैं। हिसार के सुनील का पैर टूट गया और अंबाला के दिवाकर की दोनों बाजू व पेट में चोटें आईं।
इनके अलावा जींद के सुनील, अंबाला के जसविंदर, सिरसा के मनदीप को सीने में चोट आई। भिवानी के विनीत के पेट और हाथ में और जींद के मेवा सिंह को अंदरूनी चोटें आईं। वहीं, रोहतक के उमेश को पेट में चोट लगने के कारण जनरल अस्पताल से पीजीआई रेफर करना पड़ा।
इनका विरोध कर रहे हैं शिक्षक
सिक्योरिटी के नाम पर प्रति शिक्षक 24 हजार रुपये की वसूली समेत सात-आठ माह से वेतन तक नहीं मिलने, बच्चों को कंप्यूटर की किताबें भी उपलब्ध नहीं करवाए जाने, महिला अध्यापकों को मातृत्व अवकाश तक नहीं मिलने और ट्रेनिंग के नाम पर भी शिक्षकों से अवैध वसूली करने के विरोध में प्रदर्शन कर रहे हैं।