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राज्यपाल सोलंकी से मिले अकाली नेता, ज्ञापन सौंपा

Sun, 03 Aug 2014 11:53 AM IST
अखिल तलवार/अमर उजाला, चंडीगढ़
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हरियाणा में गुरुद्वारों पर कब्जे को लेकर हुए हंगामे को लेकर आज अकाली दल के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से मुलाकात की।
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अकाली दल के प्रतिनिधि राज्यपाल से मिलने के लिए पहुंचे और उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि हरियाणा के गुरुद्वारों में कानून व्यवस्था बहाल की जाए।

दल ने राज्यपाल से कहा कि हरियाणा सरकार अलग एसजीपीसी को लेकर असंवैधानिक कानून पास किया है। इस प्रक्रिया को वापस लिया जाए। उन्होंने इसके समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के एक आदेश की कॉपी भी राज्यपाल को सौंपी।
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दल में एसजीपीसी प्रधान अवतार सिंह मक्कड़, शिक्षामंत्री डॉ. दलजीत चीमा, सांसद प्रेम सिंह चंदूमाजरा और सुखदेव सिंह ढींढसा शामिल थे।


कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोका

हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंध अपने हाथ में लेने के लिए शुरू हुई मुहिम के प्रयास में शनिवार को एचएसजीएमसी, एसजीपीसी अमृतसर और पुलिस-प्रशासन आपने-सामने आ गए। तनावपूर्ण माहौल के बीच एचएसजीएमसी के युवा विंग के कार्यकर्ताओं ने पुलिस द्वारा लगाए बैरीकेडों को तोड़ दिया और छठी पातशाही गुरुद्वारे के करीब तक पहुंच गए। पुलिस को आखिरकार उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।

एचएसजीएमसी अध्यक्ष जगदीश सिंह झींडा व पदाधिकारियों के नेतृत्व में शनिवार को सैकड़ों सिख कुरुक्षेत्र के डेरा कारसेवा में लामबंद हो गए। घंटों चले मंथन के बाद एचएसजीएमसी के महासचिव जोगा सिंह और अवतार सिंह चक्कू सहित अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में कार्यकर्ता छठी पातशाही गुरुद्वारे का कब्जा लेने निकल पड़े।

इस दौरान कार्यकर्ताओं के हाथों में तलवारें, भाले, सरिये, डंडे, हॉकी, जैली और अन्य हथियार थे। वे पंजाब के सीएम प्रकाश सिंह बादल और एसजीपीसी अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़े।

तीन बैरीकेड तोड़कर पहुंचे छठी पातशाही गुरुद्वारे तक

पुलिस प्रशासन ने हालात नियंत्रण में रखने के लिए रास्ते में  तीन जगह बैरिकेड लगाए लेकिन एचएसजीएमसी के कार्यकर्ता तीनों नाके तोड़ते हुए गुरुद्वारे के निकट पहुंच गए। तब पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए लाठीचार्ज किया और गुरुद्वारे के गेट से कुछ दूर ही रोक लिया।

उधर, गुरुद्वारे में हथियारों से लैस एसजीपीसी के जत्थे भी खड़े नजर आए। हालात को देखते हुए छठी पाताशाही गुरुद्वारे के पिछले गेट को बंद कर दिया गया था। गुरुद्वारे के भीतर एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क कमान संभाले थे। उन्होंने गुरुद्वारे के भीतर मौजूद सिख संगत को काबू में रखने का पूरा प्रयास किया और गुरुद्वारे के पिछले गेट को बंद कराने के निर्देश दिए।

झींडा और नलवी की नहीं सुनी सदस्यों ने

जगदीश सिंह झींडा ने शनिवार को डेरा कारसेवा में एचएसजीएमसी के सदस्यों के साथ दो गुप्त बैठकें की। बैठकों में उपस्थित सदस्यों ने तुरंत गुरुद्वारे का प्रबंध संभालने की बात कही जबकि झींडा और दीदार सिंह नलवी शनिवार को ही कब्जे के पक्ष में नहीं थे।

लिहाजा झींडा और नलवी के विचार का विरोध करते हुए एचएसजीपीसी के महासचिव जोगा सिंह, उप प्रधान हरपाल सिंह पाली, कार्यकारिणी सदस्य अवतार सिंह चक्कू व अपार सिंह ने शनिवार को ही छठी पातशाही का प्रबंध लेने के लिए संगत से हाथ उठवाकर समर्थन मांगा और इसके बाद ये लोग वहां से एक बड़े जत्थे के रूप में रवाना हो गए।

कब्जे का प्रयास निंदनीय : विर्क

एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क ने कहा कि किसी भी कीमत पर गुरुद्वारों पर कब्जा नहीं होने देंगे। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों पर जो प्रयास झींडा समर्थक कर रहे हैं, वह निंदनीय है।

प्रशासन के अफसर पहुंचे गुरुद्वारा छठी पातशाही
शनिवार को एचएसजीएमसी समर्थक गुरुद्वारे का प्रबंध लेने को सड़क पर डटे रहे। वहीं प्रशासन की ओर से एसडीएम विनय प्रताप सिंह, डीएसपी शीतल सिंह और डीएसपी गोरखपाल ने छठी पातशाही गुरुद्वारे में पहुंच कर एसजीपीसी के पदाधिकारियों से बातचीत की। 
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दोनों संगठन बातचीत से हल करें विवाद : मक्कड़

एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने कुरुक्षेत्र में गुरुद्वारे पर कब्जे के प्रयास को अशोभनीय करार दिया। उन्होंने कहा कि हरियाणा के गुरुद्वारों का प्रबंध एसजीपीसी अमृतसर से बाहर नहीं किया जा सकता। हालांकि इस मसले पर जल्द दोनों संगठनों के नुमाइंदों की प्रशासन की मौजूदगी में बैठक हो सकती है।

इससे पहले बैठक का विचार एसजीपीसी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष रघुजीत सिंह विर्क ने रखा था। मक्कड़ ने बताया कि एसजीपीसी इस प्रस्ताव पर विचार-विमर्श के बाद अगला कदम उठाएगी।
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