किसानों का कहना है कि उन्हें आशंका है कि पंजाब सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन शुभकरण सिंह के शव का जबरदस्ती पोस्टमार्टम करा सकती है। लेकिन किसान संगठनों की तरफ से पहले ही एलान किया जा चुका है कि जब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी।
खनौरी बार्डर पर किसान आंदोलन के दौरान सिर में गोली लगने से मारे गए नौजवान शुभकरण सिंह का सोमवार को पांच दिन बाद भी अंतिम संस्कार नहीं हो सका। फिलहाल शुभकरण की पार्थिव देह पटियाला के सरकारी राजिंदरा अस्पताल की मोर्चरी में रखी है। किसानों ने मोर्चरी के बाहर पक्का मोर्चा लगा दिया है।
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किसानों का कहना है कि उन्हें आशंका है कि पंजाब सरकार के इशारे पर पुलिस प्रशासन शुभकरण सिंह के शव का जबरदस्ती पोस्टमार्टम करा सकती है। लेकिन किसान संगठनों की तरफ से पहले ही एलान किया जा चुका है कि जब तक मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की जाएगी। तब तक शुभकरण का अंतिम संस्कार नहीं होने दिया जाएगा। इसलिए मोर्चरी के बाहर यह पक्का मोर्चा लगाया गया है। जिसमें ड्यूटियां बदल-बदल कर किसान शामिल होंगे।
अस्पताल परिसर में पुलिस की तरफ से भी कड़े सुरक्षा प्रबंध कर दिए गए हैं। अस्पताल के मेन गेट के पास बैरिकेडिंग करके पुलिस मुलाजिमों की तैनाती की गई है। इसी तरह से मोर्चरी के बाहर भी बैरिकेडिंग की गई है। किसी को भी मोर्चरी के पास आने-जाने नहीं दिया जा रहा है। उधर अस्पताल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट एचएस रेखी का कहना है कि पुलिस की तरफ से कहने पर डाक्टरों के बोर्ड की ओर से शुभकरण की लाश का पोस्टमार्टम किया जाएगा। तब तक लाश मोर्चरी में ही रखी जाएगी।