किसान प्रीतम सिंह का हुआ अंतिम संस्कार।
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लोंगोवाल में पुलिस लाठीचार्ज में अपनी जान गंवाने वाले किसान प्रीतम सिंह का शुक्रवार को उनके गांव मंडेर में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान किसानों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
लोंगोवाल में 21 अगस्त को किसानों और पुलिस के बीच झड़प में बुजुर्ग किसान प्रीतम सिंह को गंभीर चोट आई थी। इसके बाद उनका पटियाला के अस्पताल में निधन हो गया था। शुक्रवार को गांव मंडेर में अंतिम संस्कार किया गया। सरकार ने किसान यूनियन की मांगों को मान लिया। इसके बावजूद किसानों को सरकार के प्रति रोष है।
अंतिम संस्कार में हजारों की संख्या में किसान पहुंचे। सभी ने प्रीतम सिंह को अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की। सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। दो दर्जन से अधिक किसान और मजदूर संगठनों ने अपने झंडों को प्रीतम सिंह के पार्थिव शरीर पर डाला। इससे पहले मृतक किसान प्रीतम सिंह का पार्थिव शरीर पटियाला से विशाल काफिले में लोंगोवाल की अनाज मंडी में लाया गया।
किसान संगठनों ने प्रण लिया कि प्रीतम सिंह का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन एकता आजाद के अध्यक्ष जसविंदर सिंह लोंगोवाल और जसवीर सिंह मेदेवास ने कहा कि आंदोलन के दौरान सरकार के रवैये ने साबित कर दिया कि वह किसान विरोधी है। भले सरकार व प्रशासन ने किसानों की मांग को स्वीकार कर लिया लेकिन इस अत्याचार को किसान भूलेंगे नहीं।