हरियाणा के फरीदाबाद एनआईटी से कांग्रेस विधायक नीरज शर्मा ने मंगलवार को सिले हुए वस्त्र और जूते त्याग दिए। फरीदाबाद नगर निगम घोटाले में संलिप्त अफसरों के खिलाफ उचित कार्रवाई न होने पर उन्होंने यह कदम उठाया। वह घोटाले को लेकर पूछे गए सवाल पर शहरी निकाय मंत्री डॉ. कमल गुप्ता के जवाब से संतुष्ट नहीं थे।
प्रश्नकाल में इस मुद्दे को लेकर सदन में खूब हंगामा हुआ। नीरज के कपड़े और जूते त्यागने के फैसले से विधानसभा में सभी हैरान रह गए। उन्होंने कहा कि घोटाले में शामिल अफसरों पर उचित कार्रवाई होने के बाद ही अब वह सिले हुए कपड़े और जूते पहनेंगे। अपनी बात खत्म करते ही उन्होंने जूतों को सीट पर खोल दिया और सदन से बाहर चले गए।
कुछ देर बाद वह सफेद चादर ओढ़कर कार्यवाही में हिस्सा लेने पहुंचे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने इसे सुनियोजित बताया। उन्होंने कहा कि विधायक ने जो किया वह उचित नहीं है। वह पहले से तैयारी कर आए थे, सदन में अब ऐसे नमूने देखने को मिलेंगे। फरीदाबाद मामले में विधायक बवंडर खड़ा न करें।
उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि पुलिस जांच को समयबद्ध नहीं किया जा सकता है। वह आश्वस्त करते हैं कि छह महीने में दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेंगे। शहरी निकाय मंत्री ने कहा कि कोई भी दोषी नहीं बचेगा। नगर निगम फरीदाबाद में हुई अनियमितताओं के नौ मामलों में एफआईआर दर्ज की हैं। इनकी जांच विजिलेंस ब्यूरो को सौंपी है। शहरी स्थानीय निकाय विभाग ने मामलों में कार्रवाई की अनुशंसा की है। लंबित मामलों में भी जल्दी कार्रवाई की जाएगी।
नीरज ने यह पूछा था सवाल
वर्ष 2014 से दिसंबर 2021 तक नगर निगम फरीदाबाद में उजागर हुए घोटालों की संख्या कितनी है। कितने मामले विजिलेंस को सौंपे गए हैं। विजिलेंस जांच की सिफारिशों का ब्योरा क्या है। दोषी अधिकारियों, कर्मचारियों के खिलाफ सरकार ने क्या कदम उठाए हैं।
2 करोड़ के काम की लागत 36 करोड़ कैसे हो गई
नीरज शर्मा ने कहा कि दो करोड़ रुपये के काम की लागत 36 करोड़ कैसे हो गई। इस घोटाले को अंजाम देने वाले अफसरों के नाम का वह खुलासा करते हैं, सरकार जांच कराए। इसमें मोहम्मद शाईन, सोनल गोयल, रवि सिंगला व डीआर भास्कर शामिल हैं। जब तक इन और अन्य अफसरों पर कार्रवाई नहीं होगी, वह चैन की नींद नहीं सो सकेंगे। भ्रष्टाचार रूपी कोढ़ को वह खत्म करना चाहते हैं। रात को उन्हें नींद नहीं आती। स्पीकर ज्ञान चंद गुप्ता ने कहा कि विधायक ने अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं, सरकार जांच कराकर कड़ी कार्रवाई करे।
ये हैं नौ मामले
- नगर निगम के बैंक खातों, मासिक आमदनी, खर्च व ऑडिट का लेखा-जोखा न रखकर आपस मिलीभगत कर वित्तीय हानि पहुंचाना
- एनआईटी फरीदाबाद में 8012 वर्ग गज सरकारी भूमि मेसर्स इंडियन हार्डवेयर इंडस्ट्री लिमिटेड को धोखाधड़ी से हस्तांतरित कर साक्ष्यों को छिपाया भूमि मालिकों से मिलकर फर्जी दस्तावेज के आधार पर नक्शे पास करवाए
- बड़खल विधानसभा क्षेत्र में बौद्ध विहार से आईटीआई, आईटीआई से नीलम चौक, नीलम चौक से हार्डवेयर चौक, हार्डवेयर चौक से बौद्ध विहार चौक की पेरीफेरी रोड पर तारकोल से सड़क बनाने में करोड़ों रुपये की गड़बड़ी
- मुख्य अभियंता डीआर भास्कर समेत 17 अफसरों के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप
- भू-माफिया ने राजनीतिक लोगों व प्रशासनिक अधिकारियों से मिलकर कल्पना चावला पार्क की भूमि पर कब्जा किया
- विभिन्न वार्ड में कराए गए विकास कार्यों में अनियमितताएं
- एचएसवीपी, नगर निगम व आबकारी एवं कराधान विभाग के अधिकारियों, कर्मचारियों ने भू-माफिया राजेश ठाकुर, सुरेश बंसल व ओमप्रकाश से मिलीभगत कर सरकार को करोड़ों रुपये का चूना लगाया
- सतबीर सिंह ठेकेदार, अधिकारियों, कर्मचारियों ने लोहे की रेलिंग लगाने के कार्य में अनियमितताएं बरतकर आर्थिक हानि पहुंचाई
- प्रवीण कुमार ठेकेदार ने अधिकारियों, कर्मचारियों के साथ मिलकर वार्ड नंबर 36 व 40 में सीवर लाइन के रखरखाव कार्य में अनियमितताएं बरतकर वित्तीय हानि पहुंचाई