काव्याजंलि सम्मेलन में कवि कुमार विश्वास ने राहुल गांधी से लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर व्यंग्य कसे। उन्होंने अपने चुटीले अंदाज में लोगों का खूब मनोरंजन किया। विश्वास ने कहा कि आजकल न्यूज चैनलों का बुरा हाल है। कुछ चैनल दिखाते हैं कि देश गर्त में जा रहा है। कुछ दिखाते हैं कि पिछले 65-70 साल में अब तक कुछ नहीं हुआ, अब हो रहा है।
विश्वास ने कहा राव साहब मेरी दुआ बहुत काम आती है। 2006 में एक सीएम को पीएम बनने की शुभकामनाएं दे आया था। वह पीएम बन गया। पिछली सरकार में एक मनमोहन था, बाकी सभी प्रधानमंत्री थे। इस सरकार में एक पीएम है, बाकी सभी मनमोहन हैं। जल्द ही देश में चुनाव होने वाले हैं। एक पक्ष के पास मुद्दा नहीं तो पिछले 65-70 सालों की विफलता गिना रहे हैं।
दूसरे गुट के लोग इनको हटाने को ही सबसे बड़ा मुद्दा बना रहे हैं। राहुल की झप्पी और आंख मारने पर भी व्यंग्य किया। कुमार विश्वास ने अरविंद केजरीवाल पर व्यंग्य को दर्शकों से जोड़ते हुए कहा कि जिस तरह से आपकी वाह-वाह की टाइमिंग गलत है उसी तरह से मेरी राज्यसभा वाली टाइमिंग गलत थी।
जोश भरा, तालियां बटोरी, गुदगुदाया
- राजस्थान से आए विनित चौहान ने वीर रस की कविता सुनाकर जोश भरा।
- मुमताज नसीम ने अपनी गजल व नज्म से तालियां बटोरी।
- दिल्ली से आए चिराग जैन ने अपने अंदाज से गुदगुदाया।
- स्थानीय सुरेश मक्कड़ ने अपने महेंद्रगढ़ शहर पर लिखी कविता से ध्यान खींचा।