पुलिस पर आरोप थे कि गोलीकांड में मारे गए युवकों और घायलों के शरीर से निकली पुलिस की गोलियों से छेड़छाड़ की गई, ताकि यह पता ना चल सके कि ये किसके हथियार से चली हैं। इसके अलावा यह आरोप है कि पुलिस ने धरना दे रहे लोगों पर गोली चलाने से पहले मजिस्ट्रेट से इजाजत नहीं ली थी। पुलिस ने घटना के बाद मजिस्ट्रेट से यह आर्डर तैयार करवाया था।
अग्रिम जमानत याचिकाओं पर सुनवाई आज
बहिबल कलां गोलीकांड मामले में पूर्व एसएसपी की गिरफ्तारी के बाद केस में नामजद बाकी तीन अधिकारियों में से दो अधिकारियों एसपी बिक्रमजीत सिंह व इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह ने एक दिन पहले ही यहां की जिला अदालत में अग्रिम जमानत याचिकाएं दायर कर दी थी और मंगलवार को तीसरे आरोपी एसआई अमरजीत सिंह कुलार ने अग्रिम जमानत की याचिका दायर कर दी।
इन तीनों की याचिकाओं पर जिला अदालत में 30 जनवरी को सुनवाई होगी। उधर एसआईटी के कैंप ऑफिस में मंगलवार को कोटकपूरा की घटना के संदर्भ में एक डीएसपी समेत छह पुलिस कर्मियों व दो डॉक्टरों ने अपने बयान दर्ज करवाए।