मजीठिया के एनडीपीएस मामले में नियमित जमानत की मांग पर फैसला सुरक्षित
उधर, एनडीपीएस मामले में गिरफ्तार अकाली नेता बिक्रम मजीठिया की नियमित जमानत की मांग को लेकर दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सभी पक्षों को सुनने के बाद मंगलवार को फैसला सुरक्षित रख लिया है। मजीठिया के खिलाफ पंजाब की पूर्व सरकार के समय में एनडीपीएस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसके बाद मजीठिया को गिरफ्तार कर लिया गया था। मजीठिया ने सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने मजीठिया को चुनाव लड़ने के लिए जमानत दे दी थी।
चुनाव संपन्न होने के बाद मजीठिया ने 24 फरवरी को सरेंडर कर दिया था। इसके बाद मजीठिया ने फिर से नियमित जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट की शरण ली थी। अब मजीठिया ने जमानत के लिए नया आधार बनाते हुए फिर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर नियमित जमानत की मांग की है। हाईकोर्ट ने अब सभी पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद मंगलवार को याचिका पर अपना फैसला सुरक्षित कर लिया है।
बाजाखाना गोलीकांड मामला: आरोपी पुलिस अधिकारियों की याचिका पर फैसला सुरक्षित
बाजाखाना गोली कांड मामले की अब तक की जांच की पंजाब सरकार द्वारा सौंपी गई स्टेटस रिपोर्ट और याची व पंजाब सरकार की दलीलों को सुनने के बाद मंगलवार को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने आरोपी पुलिस अधिकारियों की याचिका पर फैसला सुरक्षित रख लिया है। सुमेध सिंह सैनी ने अपने खिलाफ दाखिल चार्जशीट और बाजाखाना मामले में निलंबित आईजी परमराज उमरानंगल ने खुद पर दर्ज एफआईआर में आगे कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग को लेकर याचिकाएं दाखिल की थीं। इनके अलावा इस मामले के आरोपी अन्य पुलिस अधिकारियों ने भी याचिकाएं दायर की हैं। इन याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने इस मामले की अब तक की गई जांच की स्टेटस रिपोर्ट मांगी थी।
पंजाब सरकार की तरफ से एसआईटी के मुखिया आईजी नौनिहाल सिंह ने हाईकोर्ट में हलफनामा दायर कर बताया था कि इस मामले की जांच पहले तत्कालीन आईजी कुंवर विजय प्रताप सिंह की एसआईटी कर रही थी। हाईकोर्ट ने गत वर्ष अप्रैल में इस एसआईटी को भंग कर नए सिरे से एसआईटी गठित करने का आदेश दिया था। साथ ही यह आदेश भी दिया था कि नई एसआईटी अपनी जांच किसी से साझा नहीं करेगी।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद बहिबल कलां/बाजाखाना मामले की जांच के लिए उनकी अध्यक्षता में एसआईटी गठित की गई है। बीते सप्ताह से लगातार हाईकोर्ट इन याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। अब सभी पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद हाईकोर्ट ने इन याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित कर लिया है।