पंजाब के लुधियाना और मोगा समेत कई क्षेत्रों में गुरुवार दोपहर करीब दो बजकर 50 मिनट पर रहस्यमयी धमाके की आवाज से लोगों की खिड़कियां और दरवाजे हिलने लगे।
धमाके की आवाज इतनी तेज थी कि लोग सहम गए और घरों-दफ्तरों से बाहर तक निकल पड़े। धमाके की आवाज के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। हर कोई इस धमाके की अपनी ही वजह बताने में लगा। कोई कह रहा था चीन ने ताइवान पर बम फेंक दिया तो कोई इसे पाकिस्तान की काली करतूत बताने में जुटा रहा। हर किसी के अपने कयास और अपनी राय थी।
विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार दरअसल, एयरफोर्स स्टेशन हलवारा में तैनात लड़ाकू विमान सुखोई एमकेआई-30 की प्रैक्टिस उड़ानें गुरुवार को थीं। ये सुपरसोनिक लड़ाकू विमान ध्वनि की रफ्तार से भी तेज उड़ान भरने में समर्थ है। जब कभी विमान की रफ्तार ध्वनि की रफ्तार से तीन गुना तेज होती है तो तेज धमाके की आवाज होती है। इसे विज्ञान की भाषा में मैक कहा जाता है।
गुरुवार को एयरफोर्स स्टेशन हलवारा से उड़े सुपरसोनिक लड़ाकू विमान सुखोई ने एक बार फिर ध्वनि की रफ्तार को मात दी तो आसमान में जोरदार धमाका हुआ। इस जोरदार धमाके की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। इसे सोनिक बूम भी कहा जाता है।
सुखोई जैसे सुपरसोनिक लड़ाकू विमान आम तौर पर ध्वनि की रफ्तार को मात देते हैं और आकाश गंगा में उसके धमाके होते रहते हैं जो कभी कभार विमान की डायरेक्शन के चलते धरती में भी सुने और महसूस किए जाते हैं, आज भी कुछ ऐसा ही हुआ है।