लोगों को करना पड़ रहा 3 घंटे का अतिरिक्त सफर
उन्होंने कहा कि मैंने अदालत में लगाई जनहित याचिका में यह कहा था कि हाई कोर्ट एक रिव्यू कमेटी का गठन करे और कमेटी से जांच करवाई जाए कि अंबाला के लोगों शंभू बॉर्डर बंद होने से कितने परेशान हैं। याचिका में हाईकोर्ट को बताया कि शंभू बॉर्डर बंद होने के कारण सरकारी बसों को रूट डायवर्ट किया हुआ है, जिससे तेल का खर्च बढ़ रहा है। अंबाला व शंभू के आसपास के मरीज बॉर्डर बंद होने के कारण दिक्कत में है। एंबुलेंस के लिए भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। अंबाला से शंभू से आना हो तो उन्हें चंडीगढ़ से घूमकर आना पड़ता था। अंबाला में इलाज के लिए लोगों को 3 घंटे का अतिरिक्त सफर करना पड़ रहा है।
किसानों को अपनी बात रखने का हक
वासु रंजन शांडिल्य ने बताया कि हाई कोर्ट ने कहा किसानों को धरना देने की अलग जगह देने के लिए सरकार को कहा था। मैं भी इसी हक में हूं। किसानों को अपनी बात रखने का हक है। इसलिए किसानों को दिल्ली भेजा जाए, लेकिन हरियाणा सरकार ने उन्हें शंभू बार्डर पर ही रोक दिया। दिल्ली में धरने के लिए आंदोलन ग्राउंड और जंतर मंतर है।
किसान नेता स्वर्ण सिंह पंढेर के आरोप गलत
वासु रंजन शांडिल्य ने याचिका में पंजाब व हरियाणा सरकार सहित किसान नेता स्वर्ण सिंह पंढेर व जगजीत सिंह डल्लेवाल को भी पार्टी बनाया था। वासु रंजन ने कहा कि किसान नेता पंढेर ने मुझ पर आरोप लगाए कि ये जो याचिका लगाई है ये सरकार की तरफ से लगाई गई है। उनका आरोप गलत है। मैं उनको बताना चाहता हूं कि मैंने सरकार की तरफ से नहीं बल्कि मैंने लोगों की परेशानी को देखते हुए खुद याचिका लगाई थी।