पंजाब नंबर की ब्रेजा गाड़ी बनी चर्चा का विषय
कॉलोनी लोगों का कहना है कि बलजीत कौर के घर के बाहर पंजाब नंबर की ब्रेजा गाड़ी खड़ी नजर आ रही थी। मगर उन्हें इस बारे में कोई अंदेशा नहीं था कि यह गाड़ी अमृतपाल सिंह की हो सकती है। उन्होंने बताया कि यह गाड़ी 19 मार्च की रात को कॉलोनी में खड़ी थी, जोकि 22 मार्च की सुबह गायब थी।
मामू माजरा की रहने वाली है महिला, भाई डीसी कार्यालय में तैनात
जानकारी के मुताबिक अमृतपाल सिंह को कथित पनाह देने वाली जिस महिला को पंजाब एसटीएफ लेकर गई है, वह गांव मामू माजरा की रहने वाली है। भाई जिला उपायुक्त कार्यालय में क्लर्क के तौर पर तैनात है, जो कभी लाडवा एसडीएम का रीडर भी रहा है। इससे पहले शाहाबाद तहसीलदार का रीडर भी रहा है और एक माह पहले ही उसका तबादला डीसी कार्यालय में हो चुका है। उनकी पत्नी भी एनआरआई है। उसकी शादी करीब एक वर्ष पहले ईरान की एनआरआई से हुई थी और फिलहाल उनकी पत्नी कनाडा में स्ट्डी कर रही है। पूरे मामले को लेकर प्रयास के बावजूद भी महिला के अन्य परिजनों से संपर्क नहीं हो सका।
सोशल मीडिया पर अमृतपाल की समर्थक है महिला
चर्चा है कि सोशल मीडिया पर महिला अमृतपाल की समर्थक रही है। उसके भाई के इंस्टाग्राम व फेसबुक एकाऊंट पर अक्सर अमृतपाल सिंह के समर्थन से सामग्री देखी जा सकती है। करीब 42 वर्षीय बलजीत कौर अभी अविवाहित बताई जा रही हैं और अक्सर अमृतपाल सिंह व पपलप्रीत सिंह से संबंधित चर्चा करती थी।
डीसी बोले- बुधवार को महिला के भाई ने मानी थी बात, फिर पुलिस ने की पूछताछ
डीसी शांतनु शर्मा का कहना है कि पंजाब एसटीएम संबंधित महिला को अपने साथ लेकर गई है जबकि उसके अन्य परिजन फिलहाल अपने घर पर ही है। बुधवार को उसके भाई ने उनके सामने अमृतपाल के यहां रूकने की बात मानी थी, जिसके बाद पुलिस ने उनसे पूछताछ की थी। उनसे पता चला था कि अमृतपाल 19 मार्च को ही रात को रूका था और सुबह चला गया। उधर एसपी एसएस भौरिया ने भी माना कि अभी केवल महिला को ही पंजाब एसटीएम लेकर गई है बाकि परिवार के सदस्य पुलिस गिरफ्त में नहीं है।