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बुलेट और एक्टिवा पर रखें नजर, नहीं तो हो जाएंगी गायब

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चंडीगढ़। सिटी ब्यूटीफुल में एक्टिवा और बुलेट की सवारी करने वाले युवा सचेत हो जाएं। यहां सक्रिय वाहन चोरों की नजर अब अन्य महंगे वाहनों की बजाए बुलेट और एक्टिवा पर है। इसकी पुष्टि पुलिस विभाग के आंकड़े भी कर रहे हैं। इसके अनुसार शहर में डेढ़ माह के दौरान वाहन चोरी की 110 ई-एफआईआर दर्ज की गई हैं। इनमें 30 बुलेट, 40 एक्टिवा, 10 स्पलेंडर सहित अन्य शामिल हैं। अचानक से वाहन चोरी के ट्रेंड में आए इस बदलाव से पुलिस विभाग भी परेशान हैं। हालांकि स्मार्ट पुलिसिंग के लिए जानी जाने वाले पुलिस विभाग के अधिकारी ऐसे चोरों की धरपकड़ के लिए अलग कार्य योजना करने में जुट गए हैं। वर्ष 2021-2021 में 450 वाहन हुए चोरी हो थे। इनमें से पुलिस ने 215 केस सुलझा लिए थे।
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सीसीटीवी का भी डर नहीं, बेखौफ वारदातों को दे रहे अंजाम
चोरों का हौसला इस कद्र बढ़ चुका है कि वे घरों के अंदर और घर के बाहर से साइकिल, बाइक, बुलेट, कारें और ट्रक तक चोरी कर रहे हैं। आरोपी सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो चुके हैं, बावजूद इसके आरोपी बेखौफ वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। सुखना लेक की पार्किंग तक से वाहन चोरी हो रहे हैं।
27 मार्च को गृह मंत्री ने की थी ई-एफआईआर की व्यवस्था
गृह मंत्री अमित शाह ने 27 मार्च को वाहन चोरी के मामलों में ऑनलाइन ई-एफआईआर दर्ज करवाने की व्यवस्था को लागू किया था ताकि लोगों को थाने के चक्कर न काटने पड़े। घर बैठे ही वाहन चोरी का केस ऑनलाइन दर्ज करवा सके। 27 मार्च से अब तक 110 ई-एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। पुलिस ने कई मामलों को सुलझा भी लिया है।
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एक माह बाद अदालत में देनी होती है अनट्रेस रिपोर्ट
ई-एफआईआर दर्ज होने के बाद पुलिस केस को सुलझाने का प्रयास करती है। एक माह तक केस न सुलझने पर पुलिस को अदालत में अनट्रेस रिपोर्ट देनी होती है। पुलिस को अभी 10 केसों की अनट्रेस रिपोर्ट फाइल करनी है।
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वर्जन
वाहन चोरों को पुलिस लगातार गिरफ्तार कर रही है। चोरों पर नजर रखी जा रही है। वाहन चोर गिरोह जल्द पुलिस की गिरफ्त में होगा।
-राम गोपाल, डीएसपी
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