पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने करतारपुर कॉरिडोर की आधारशिला रखते हुए भारत से मजबूत और बेहतर रिश्ते की ख्वाहिश जाहिर की, लेकिन कश्मीर के मुद्दे पर बात करने से बाज नहीं आए। उन्होंने साफ किया कि इस मुद्दे पर उनकी सरकार, फौज व अन्य सियासी दल एक ही खेमे में हैं।
इमरान ने कहा, दोनों देशों के पास एटमी हथियार हैं, इसलिए जंग तो हो ही नहीं सकती। जो ऐसा सोचते हैं वे बेवकूफ हैं। ऐसे में सिर्फ दोस्ती का ही रास्ता बचता है। वहीं पाक पीएम ने कश्मीर मसले का जिक्र करते हुए कहा, दोनों देशों में मजबूत इरादे वाला नेतृत्व हो तो सभी मुद्दे सुलझाए जा सकते हैं।
हालांकि आतंकवाद के मसले पर चुप्पी और समारोह में खालिस्तानी आतंकी गोपाल चावला की मौजूदगी अमन-शांति की उनकी मंशा पर सवाल भी खड़े करती है। केंद्रीय मंत्री हरसिमरत कौर, हरदीप सिंह पुरी व पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू की मौजूदगी में इमरान ने नरोवाल में कॉरिडोर की आधारशिला रखी।
भारत एक कदम बढ़ाए, हम दो कदम बढ़ाएंगे
भारत से रिश्ते सुधारने की बात पर इमरान ने कहा, भारत दोस्ती के लिए एक कदम बढ़ाएगा तो हम दो कदम बढ़ाएंगे। दोनों देशों में 70 साल से विवाद चल रहा है। गलतियां दोनों ओर से हुईं हैं, मगर हम तब तक आगे नहीं बढ़ सकते, जब तक अतीत की जंजीरें नहीं तोड़ देते। जंगों में एक-दूसरे के लाखों लोगों को मारने वाले फ्रांस व जर्मनी साथ हो सकते हैं, उनकी सीमाएं खुल सकती हैं तो हम क्यों नहीं बढ़ सकते।
...लेकिन आतंकवाद पर चुप्पी
इमरान जहां कश्मीर का मुद्दा उठाने से बाज नहीं आए, वहीं, आतंकवाद को लेकर चुप रहे। उन्होंने कहा, हमारे बीच सिर्फ कश्मीर मसला है। इनसान चांद पर पहुंच गया, लेकिन हम अब भी इसी पर अटके हैं। अगर हमारे रिश्ते बेहतर हो जाएं तो दोनों देशों को फायदा होगा। दुनिया में इस इलाके में सबसे ज्यादा गरीबी है। सीमा खुलने से तरक्की आएगी।