आंखों में आंसू लिए डोली मेहता ने कहा कि उनके घर से कुछ दूरी पर ही भाजपा विधायक घनश्याम दास अरोड़ा का घर है। लेकिन वे कभी उनके घर तक नहीं आए, जबकि सैकड़ों बार वे उनके घर के पास से गुजरे हैं। डोली मेहता का कहना है कि सरकार और प्रशासन द्वारा कम से कम शहीदों की कुर्बानी को नहीं भुलाया जाना चाहिए। हर साल विजय दिवस के मौके पर जिलास्तर पर कार्यक्रम कर उन्हें श्रद्धांजलि देनी चाहिए।
स्कूल में स्वयं लगवा रहीं हैं मूर्ति
सरकार भले ही शहीदों के सम्मान का दम भरे लेकिन जिले में इसकी जमीनी सच्चाई कुछ और ही है। मॉडल टाउन नजदीक सरनी चौक स्थित राजकीय स्कूल का नाम कारगिल शहीद हवलदार नवीन कुमार मेहता की स्मृति में रखा गया है। लेकिन स्कूल में उन्हें कोई जानता नहीं है। बोर्ड पर नाम लिखकर यह औपचारिकता पूरी कर दी गई। ऐसे में डोली मेहता ने बताया कि वे अपनी पति की स्मृति में स्कूल प्रांगण में शहीद हवलदार नवीन मेहता की मूर्ति लगवाएंगी। ताकि 21वीं सदी की नई पीढ़ी को उनके बारे में पता चल सके।