बरगाड़ी बेअदबी मामलों में पहला कमीशन जस्टिस जोरा सिंह कमीशन ही बना था। जस्टिस जोरा सिंह ने कहा कि अकाली और कांग्रेस की तरह ही आम आदमी पार्टी भी जुमला पार्टी निकली। अरविंद केजरीवाल और भगवंत मान ने पार्टी में शामिल करवाते समय वायदा किया था कि कमीशन की रिपोर्ट के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी, पर नहीं की।
पंजाब में आम आदमी पार्टी को बड़ा झटका लगा है। जस्टिस जोरा सिंह ने फरीदकोट लोक सभा सीट पर निर्दलीय चुनाव लड़ने का फैसला लिया है।
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साल 2015 के बरगाड़ी बेअदबी व गोलीकांड मामलों की पड़ताल करने के लिए तत्कालीन शिअद भाजपा सरकार के कार्यकाल में सबसे पहले गठित किए गए जस्टिस जोरा सिंह आयोग के प्रमुख रहे सेवामुक्त जस्टिस जोरा सिंह ने फरीदकोट संसदीय क्षेत्र से बतौर आजाद उम्मीदवार चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
अपनी रिपोर्ट पर तत्कालीन शिअद भाजपा सरकार और उसके बाद बनी कांग्रेस सरकार द्वारा कोई कार्यवाही ना किए जाने से खफा होकर साल 2018 के दौरान जस्टिस जोरा सिंह ने आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल व भगवंत मान की हाजिरी में आम आदमी पार्टी ज्वाइंन की थी।
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लेकिन शुक्रवार को उन्होंने आम आदमी पार्टी पर शिअद व कांग्रेस की तर्ज पर ही कार्य करने के आरोप लगाते हुए पार्टी त्यागने के फैसले की जानकारी दी और फरीदकोट सीट से संसदीय चुनाव लड़ने का ऐलान किया।
उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी ने वादा किया था कि राज्य में सरकार बनने पर वह उनकी अध्यक्षता वाले आयोग की रिपोर्ट अनुसार कार्यवाही करेगें लेकिन अभी तक कोई कदम नहीं उठाया गया। उन्होंने कहा कि वह पंजाब के लोगों के बीच अपनी बात रखेगें क्योंकि लोग अब चुटकले सुनना पसंद नहीं करते बल्कि कार्य करने वाले की कदर करना चाहते है।