उपाध्यक्ष पद पर सथ की रमनीकजोत कौर व महासचिव पद पर इनसो के दीपक गोयत और संयुक्त सचिव पद पर पीयूएचएच के गौरव चहल ने बाजी मारी है। आम आदमी पार्टी की छात्र इकाई सीवाईएसएस को झटका लगा है। पिछली बार प्रधानी मिली थी, इस बार दूसरे नंबर पर रहे।
पंजाब विश्वविद्यालय (पीयू) में बुधवार को हुए छात्रसंघ चुनाव में कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने अध्यक्ष पद पर जीत का परचम फहराया। एनएसयूआई के उम्मीदवार जतिंदर सिंह विर्क ने 603 वोटों से अपने प्रतिद्वंद्वी आम आदमी पार्टी के छात्र संगठन सीवाईएसएस के उम्मीदवार दिव्यांश ठाकुर को मात दी।
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जतिंदर को कुल 3002 मत मिले जबकि दिव्यांश ठाकुर ने 2399 मत हासिल किए। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के उम्मीदवार राकेश देशवाल 2182 वोट हासिल कर तीसरे स्थान पर रहे। एनएसयूआई इस बार सिर्फ अध्यक्ष पद पर ही चुनाव लड़ी थी।
वहीं, पीयू में उपाध्यक्ष पद के चुनाव में छात्र संगठन सथ की रनमीकजोत कौर ने 4084, महासचिव पद पर हरियाणा की जननायक जनता पार्टी (जजपा) की छात्र इकाई इंडियन नेशनल स्टूडेंट्स आर्गेनाइजेशन (इनसो) के प्रत्याशी दीपक गोयत ने 4431 और संयुक्त सचिव के पद पर छात्र संगठन पीयूएचएच के गौरव चहल ने 3140 वोट हासिल कर जीत दर्ज की है।
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परिणाम घोषित होने के साथ ही पीयू में जश्न का सिलसिला शुरू हो गया। एनएसयूआई की जीत के जश्न में चंडीगढ़ कांग्रेस के अध्यक्ष एचएस लक्की और इनसो के जश्न में जजपा नेता दिग्विजय चौटाला शामिल हुए।
पीयू में सात साल से छात्रहितों के लिए कर रहे थे जतिंदर काम
पीयू में अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज करने वाले चंडीगढ़ निवासी और यूआईसीईटी के शोधार्थी जतिंदर सिंह विर्क साधारण परिवार से संबंध रखते हैं। जतिंदर ने बताया कि पिता सुखदेव सिंह नेहरू युवा केंद्र के निदेशक पद से सेवानिवृत्त हैं और माता बलविंदर कौर गृहिणी हैं। पीयू छात्रसंघ अध्यक्ष चुने जाने के बाद अब सबसे पहला काम छात्रसंघ का संविधान बनाना होगा। इसके साथ ही वह पीयू छात्रसंघ की वेबसाइट भी तैयार करा रहे हैं, इसके लिए जीत से पहले ही डिजाइनिंग का काम शुरू करा दिया है। कहा कि हम छात्रसंघ में छात्रों के लिए पारदर्शिता लाना चाहते हैं।
इसके अलावा लड़कियों के लिए प्रति सेमेस्टर 12 मेन्सट्रुअल छुट्टी दिलवाना प्रमुख लक्ष्य है। पीयू में वह पिछले सात साल से छात्रहित के लिए कार्य कर रहे थे। पीयू के विद्यार्थियों के भरोसे और एनएसयूआई परिवार की मेहनत की बदौलत ये जीत दर्ज हुई है। उन्होंने आगे कहा कि पीयू के छात्रों ने पंजाब में पिछले एक साल से चल रहे वीआईपी और एमपी-एमएलए कल्चर को नकार कर छात्र संघर्ष को जीत दिलवाई है।