हरियाणा में लंबी चली जद्दोजहद के बाद अब कागजी तौर पर जाटों को आरक्षण मिलने की प्रक्रिया पूरी हो गई है। आरक्षण विधेयक पर राज्यपाल के हस्ताक्षर के बाद अधिसूचना संबंधी फाइल मुख्यमंत्री के पास पहुंच गई है। विभाग के अधिकारियों ने इस बात की पुष्टि की है कि अधिसूचना जारी होते ही जाट समुदाय के लोग कागजी तौर पर हरियाणा में आरक्षण के हकदार हो जाएंगे।
सरकार की ओर से बीसी सी श्रेणी में जाट सहित 6 जातियों को 10 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान तय किया गया है। बीते 29 मार्च को हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह बिल पास कर सूबे की जाट सहित 6 जातियों को बीसी सी श्रेणी में आरक्षण दिया गया था। जिसमें जट सिख, बिश्नोई, त्यागी, रोड, मुल्ला और जाट/मुस्लिम को शामिल किया गया है।
विधानसभा सत्र के बाद यह बिल राज्यपाल के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया था। राज्यपाल के हस्ताक्षर के साथ ही यह प्रक्रिया भी पूरी हो गई थी। गौरतलब है कि मंगलवार को आरक्षण की मांग को लेकर देश भर के जाट जंतर मंतर पर इकट्ठे हुए हैं। जहां पर जाट नेताओं ने हरियाणा में जाट आरक्षण अधिसूचित करने सहित अन्य मांगे रखी हैं।
यह होगा प्रारूप
आर्थिक तौर से कमजोर वर्ग के लिए पहली और दूसरी श्रेणी की नौकरियों में आरक्षण दो प्रतिशत तक बढ़ाया है। यह लाभ बीसी ए और बीसी बी श्रेणी के लोगों को भी मिला है। उनके आरक्षण में एक-एक प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। पहली और दूसरी श्रेणी की नौकरियों में बीसी सी की नई कैटेगरी में शामिल पांच जातियों को छह प्रतिशत आरक्षण का लाभ मिलेगा। तीसरी और चौथी श्रेणी में करीब 17 प्रतिशत आरक्षण में बढ़ोतरी हो गई है।
टीसी गुप्ता, प्रधान सचिव अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ने बताया कि मुख्यमंत्री की व्यस्तता के कारण आज नोटीफिकेशन नहीं हो सकी। कल तक नोटिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। जिसके बाद कागजी तौर पर जाट आरक्षण के हकदार होंगे।