हरियाणा में जाटों को आरक्षण देने के विरोध में कुरुक्षेत्र से भाजपा सांसद राजकुमार सैनी के सरकार और जाटों पर हमले जारी है। आलाकमान की ओर से उनके प्रति कड़ा रुख दिखाने जाने के बावजूद वो बैकफुट पर आने के मूड में नहीं दिख रहे। सैनी ने शुक्रवार को यहां अपने निवास पर फिर कहा कि जाटों ने बंदूके बल पर आरक्षण लिया है।
उन्होंने कहा कि प्रांत के सीएम ने कहा कि मैंने कहा था इसलिए आरक्षण दिया गया। इस पर मेरा सवाल है कि क्या विशेष समुदाय प्रांत के सीएम की कुर्सी या फिर देश के प्रधानमंत्री की कुर्सी देने की बात करेगी तो क्या हम उन्हें दे देंगे। कभी नहीं देंगे...तो विशेष जाति के आह्वान पर आरक्षण क्यों दे दिया गया।
सैनी ने कहा कि विधानसभा में आरक्षण बिल पारित करते समय केवल 10 मिनट ही लगे। किसी भी मंत्री या फिर विधायक से किसी भी प्रकार की चर्चा नहीं कि गई। इससे जाहिर होता है कि आरक्षण की सारी जिम्मेदारी एक मात्र सरकार की है और सरकार सीएम चलाता है।
उन्होंने कहा कि जब कभी भी आरक्षण की बात होती थी तो किस बिरादरी को आरक्षण मिलना चाहिए और किस को नहीं इसके लिए पिछड़ा वर्ग आयोग से सलाह मशवरा किया जाता था लेकिन हरियाणा में विशेष जाति समुदाय को आरक्षण देने के मामलें में जल्दबाजी की गई। उन्होंने कहा कि वे ओबीसी के तयशुदा आरक्षण से छेडछाड़ के विरोध में वे आखिरी दम तक लड़ते रहेंगे।
लोकसभा में जेएनयू जैसे मुद्दों पर चर्चा, हरियाणा के दंगों पर क्यों नहीं
सैनी ने कहा कि लोकसभा में जेएनयू पर घंटो चर्चा की गई, लेकिन पिछले दिनों पूरे हरियाणा को जला दिया गया इस पर एक मिनट भी चर्चा नहीं कि गई बल्कि शून्य काल में जब मैं बतौर सांसद इस मुद्दे पर बोलने के लिए उठा तो मेरा माइक तक बंद कर दिया गया ताकि कोई कुछ भी सुन न सकें।
प्रो. विरेंद्र पर सैनी ने कहा कि यह सब कुछ प्रायोजित था। जिस व्यक्ति ने ऑडियों के द्वारा आरक्षण की आग को भड़काने का काम किया है इसके अलावा और किसी भी प्रकार के सबूत की आवश्यकता ही नहीं है।