जाट आरक्षण आंदोलन की आहट के बीच पुलिस-प्रशासन ने उपद्रवियों से सख्ती से निपटने की तैयारी कर ली है। संवेदनशील जिलों में पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों को अत्याधुनिक हथियारों का प्रशिक्षण दिया जा रहा है ताकि बिना किसी नुकसान के उपद्रवियों को तितर-बितर किया जा सके।
भिवानी पुलिस के पास छह ड्रोन पहुंचे है, जिनके जरिए निगरानी की जाएगी। उपद्रवियों को रोकने के लिए मिर्ची गैस, आंसू गैस और पानी की बौछार की जाएगी। जहां भी आंदोलन की सुगबुगाहट होगी, वहां ड्रोन से वीडियोग्राफी कराई जाएगी। सोमवार को हिसार और झज्जर में भी धारा 144 लगा दी गई। इनके सहित अब तक आठ जिलों में 144 लागू की जा चुकी है।
जाट समेत छह जातियों के आरक्षण पर हाईकोर्ट की अंतरिम रोक लगने के बाद पांच जून को जाट नेताओं की आंदोलन की घोषणा के मद्देनजर रोहतक, झज्जर, हिसार, सोनीपत, पानीपत, कैथल, जींद, भिवानी, कुरुक्षेत्र, करनाल में पुलिस और प्रशासन उपद्रवियों से निपटने की रणनीति बनाने में जुटा है। इस कड़ी में सभी हथियारों की रिहर्सल की जा रही है। आंसू गैस या लाठी ही नहीं मिर्ची गैस, पानी की बौछारों के अलावा हैंड ग्रेनेड, सेल राइफल भी तैयार की गई है। जींद में प्रशासनिक अधिकारियों ने करीब आधा दर्जन संवेदनशील गांवों का दौरा किया और वहां लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
मॉक ड्रिल में पुलिस जवानों ने बहाया पसीना
दंगों से निपटने खासकर उपद्रवियों की अचानक आने वाली भीड़ और पथराव से निपटने के लिए पुलिस के जवानों ने हिसार, भिवानी, सोनीपत, जींद, झज्जर में मॉक ड्रिल किया। डीसी, एसपी की देखरेख में गोलियां चलाई गई। आंसू गैस के गोले और हैंड ग्रेनेड फेंके गए।
दंगों में लिप्त आरोपियो को नोटिस जारी
फरवरी में हुए दंगों के आरोपियों को प्रशासन की ओर से नोटिस जारी किए जा रहे हैं। सोमवार को सोनीपत में 100, भिवानी में नौ और रोहतक में 55 लोगों को नोटिस जारी किए गए। इस बार आंदोलन के दौरान किसी भी व्यक्ति ने सार्वजनिक या निजी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया तो उसकी भरपाई दोषी की व्यक्तिगत संपत्ति से की जाएगी।
डाई मार्कर बम, शॉक मेटल का होगा पहली बार इस्तेमाल
जाट आरक्षण आंदोलन में इस बार कोई चूक न हो, इसके लिए मॉक ड्रिल में खास किस्म के हथियारों प्रशिक्षण दिया जा रहा है। ये हथियार पहली बार हरियाणा में इस्तेमाल होंगे। हालांकि ये जानलेवा नहीं है, लेकिन उपद्रवी को बेसुध करने की क्षमता रखते हैं। इनमें प्लास्टिक पैलेट बुलेट, शॉक मेटल,खुजली बम, डाई मार्कर बम,मुक्का रॉड और लाइट वेट सेफ्टी जैकेट शामिल हैं।