आरक्षण के लिए हरियाणा में जाटों का विरोध प्रदर्शन
- फोटो : फाइल फोटो
आरक्षण के लिए आंदोलन की चेतावनी देते ही जाटों ने रणनीति बना ली और इस बार कमान एक खास वर्ग को सौंपी गई है। इस बार आंदोलन में बुजुर्ग और महिलाएं आगे रहेंगे। शांतिपूर्वक तरीके से आंदोलन किया जाएगा।
आंदोलन के संबंध में खापों और विभिन्न जाट संगठनों से बातचीत की जाएगी। सभी के साथ मिलकर आंदोलन की रूपरेखा बनाई जाएगी। शहर के जाट भवन में रविवार को जाट युवा एकता मंच की बैठक में आरक्षण पर हाईकोर्ट के स्टे और जेलों में बंद युवाओं की रिहाई के मुद्दे पर चर्चा की गई।
इस दौरान निर्णय लिया गया कि सभी संगठनों और खापों के साथ बातचीत कर आगामी आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में मुख्य रूप से जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष धर्मपाल छौत और सिरसा से जट सिख गुरुचरण सिंह शामिल हुए।
यशपाल मलिक से किया बातचीत न करने का आग्रह
आरक्षण के लिए हरियाणा में जाटों का विरोध प्रदर्शन
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मंच के संयोजक सतीश राणा व नवीन मलिक ने बताया कि प्रदेश सरकार से युवाओं का भरोसा उठ गया था। सरकार को पहले ही पता था कि जो कानून हमने बनाया है वह किसी भी कोर्ट में टिक नही पाएगा। इसलिए खट्टर सरकार ने इसकी नोटिफिकेशन की कॉपी जिला मुख्यालयों पर नहीं भेजी।
इसी कारण ओबीसी के सर्टिफिकेट नहीं बन सके। अब एक बार फिर से आंदोलन का समय आ गया है। उन्होंने अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के अध्यक्ष यशपाल मलिक से भी आग्रह किया कि आंदोलन से पहले सरकार के किसी प्रतिनिधि से बातचीत करें और जब तक मांगें पूरी नहीं हो जाती तब तक आंदोलन को स्थगित न करें।
इस मौके पर जगजीत हुड्डा, संजय, ओमप्रकाश डागर, रामफल कबुलपुर, सुरेंद्र, सन्दीप मांडोठी और विनोद आदि मौजूद रहे।