जाट आरक्षण आंदोलन के तहत प्रदेश के 12 जिलों में पिछले 14 दिन से चल रहे धरनों को खत्म करवाने के लिए आखिरकार सरकार और आंदोलनकारियों के बीच बना गतिरोध शनिवार रात टूट गया। नई दिल्ली के हरियाणा भवन में अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष यशपाल मलिक और सरकार की ओर से परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार के बीच हुई वार्ता में सहमति बनने के बाद फैसला किया गया कि रविवार शाम पांच बजे तक धरने खत्म कर दिए जाएंगे और आंदोलन को 31 अगस्त तक स्थगित कर दिया गया है।
वार्ता के दौरान परिवहन मंत्री पंवार ने समिति की अधिकतर मांगों को पूरा कराने का आश्वासन दिया, जिस पर अभी से कार्रवाई शुरू हो जाएगी। इसके बाद मलिक ने कहा कि रविवार शाम पांच बजे सभी धरने खत्म कर दिए जाएंगे और आंदोलन को 31 अगस्त तक के लिए स्थगित किया जा रहा है। इस बीच सरकार की ओर से कोई लापरवाही रहती है तो 13 सितंबर को राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक कर फिर से आंदोलन शुरू किया जा सकता है। गौरतलब है कि समिति की ओर से प्रदेश के 12 जिलों में पांच जून से लगातार धरने दिए जा रहे हैं। हालांकि धरने शांतिपूर्ण तरीके से चल रहे है, लेकिन सरकार ने किसी भी स्थिति से निपटने के लिए सभी धरनास्थलों पर भारी फोर्स लगा रखी है। रोहतक और सोनीपत में इंटरनेट सेवाएं बंद है।
चंडीगढ़ में वार्ता से इनकार किया तो दिल्ली में बुलाया सरकार ने 17 जून को चंडीगढ़ में वार्ता के लिए जाट संगठनों और खापों को बुलाया था,लेकिन यशपाल मलिक गुट ने इस वार्ता में शामिल होने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि मलिक को बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। ऐसे में कोई भी इस वार्ता में शामिल नहीं होगा। इसके बाद सरकार ने मलिक को दिल्ली में वार्ता के लिए बुलाया। सरकार के प्रतिनिधि के रूप में परिवहन मंत्री कृष्णलाल पंवार वार्ता करने पहुंचे। बैठक के दौरान यशपाल मलिक ने लिखित में 10 सूत्री एजेंडा पंवार के सामने रखा और जाट बिरादरी के लोगों पर हो रही कार्रवाई को लेकर विरोध भी जताया। मलिक ने कहा कि सभी मांगों को सरकार कानूनी सीमा के तहत तय समय में पूरा करे। जिस पर पंवार ने आश्वासन दिया कि सरकार समिति की सभी वैधानिक मांगों पर विचार करेगी और उनका समाधान किया जाएगा।
सभी धरनास्थलों पर जाएगा प्रतिनिधिमंडल पंवार के आश्वासन के बाद जाट नेताओं ने मंत्री को भरोसा दिलाया कि रविवार शाम पांच बजे तक समिति का एक प्रतिनिधिमंडल सभी धरनों जाएगा और वहां की कोर कमेटी से बात करके भूख हड़ताल खत्म कराएंगे। लोगों से बातचीत कर धरने स्थगित कराए जाएंगे। यशपाल मलिक ने कहा कि प्रदेश में जुलाई और अगस्त में कार्यकारिणी की बैठक की जाएगी। सरकार मांगों को पूरा करने में कोई हीलाहवाली करती है तो 13 सितंबर को हिसार के मय्यड़ में शहीद सुनील श्योराण की शहादत दिवस पर शहीदी रैली के साथ ही राष्ट्रीय कार्यकारिणी की मीटिंग होगी। इसमें आगे की रणनीति तय की जाएगी।
यूपी में भी धरने खत्म, अब बैठकें होगी
मलिक ने बताया कि हरियाणा के धरनों के समर्थन में यूपी में भी धरना प्रदर्शन चल रहे थे। वह धरने केंद्रीय सेवाओं में ओबीसी श्रेणी में शामिल होने के लिए चल रहे थे, जो अब नहीं होगे, लेकिन पहले से नियत तिथियों पर जिला कार्यकारिणी की बैठकें होगी।