जसिया चौक पर चल रहे जाट समाज के धरने पर सियासी रंग चढ़ने लगा है। पहले भाजपा, फिर कांग्रेस और अब इनेलो ने भी समर्थन दे दिया। बुधवार को इनेलो नेता अभय चौटाला ने धरने पर पहुंचकर समर्थन की घोषणा की। उन्होंने कहा कि जाट आरक्षण की मांग वह शुरू से ही पुरजोर तरीके से उठाते रहे हैं। अब भी वह जाटों के साथ हैं और आगामी विधानसभा सत्र में मामले को जोरशोर से उठाएंगे। जब तक मांग पूरी नहीं होगी, तब तक सत्र नहीं चलने दिया जाएगा।
रोहतक-पानीपत हाईवे के किनारे जसिया में चल रहे धरने पर दोपहर करीब 12.30 बजे इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) के विधायक दल के नेता अभय चौटाला दलबल के साथ पहुंचे। इस बीच आयोजकों और धरने पर बैठे लोगों ने अभय का स्वागत किया। इनेलो नेता बिना समय गंवाए सीधा माइक पर गए और बोलना शुरू कर दिया।
उन्होंने जाटों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस और भाजपा को ठहराया। कहा कि न कभी कांग्रेस ने चाहा कि जाटों को आरक्षण मिले और अब भाजपा की कारगुजारी सभी के सामने है। भाजपा दो चेहरे वाली पार्टी है, जो एक तरफ जाट आरक्षण का समर्थन का दिखावा कर रही है तो दूसरी तरफ सांसद राजकुमार सैनी और रोशन लाल आर्य जैसे लोगों की पीठ थपथपाकर समाज का भाईचारा बिगाड़ रही है।
अभय ने कहा कि इनेलो हमेशा जनता-जर्नादन की पार्टी रही है, जो शुरू से ही जाट आरक्षण के पक्ष में है और अब भी जाटों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है। उन्होंने मंच से समर्थन की घोषणा करते हुए शांतिपूर्वक तरीके से धरने को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। कहा कि जाट समाज इस लड़ाई को बाहर लड़े और मैं विधानसभा के अंदर आवाज उठाऊंगा। जाटों की मांग पूरी नहीं होने तक विधानसभा का अगला सत्र नहीं चलने दिया जाएगा। धरनास्थल पर लगभग 40 मिनट रहने के बाद इनेलो नेता चले गए। गौरतलब है कि मंगलवार को कांग्रेस के दो विधायक और उससे पहले भाजपा नेता बलराज कुंडू ने धरने पर पहुंचकर समर्थन की घोषणा की थी।
वक्ताओं के निशाने पर रहे पीएम और सीएम
धरनास्थल पर वक्ताओं के निशाने पर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री रहे। वक्ताओं ने कहा कि जिन्होंने अपने बेटे खोए हैं उन माताओं से पूछो कि उन पर क्या बीत रही है। मंच पर आई एक महिला ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री क्या जानें बेटा खोने का दर्द। वक्ताओं ने दोनों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
बुजुर्गों की पगड़ी उतरवाने पर गहमागहमी
इनेलो नेता अभय चौटाला के धरनास्थल पर पहुंचने से पहले उनकी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता धरनास्थल पर पहुंच गए, जो हरे रंग की पगड़ी लगाए थे। इसी बीच क्रमिक भूख हड़ताल पर एक युवक को माइक पर अपनी बात रखने के लिए बुलाया गया। युवक ने आते ही इनेलो कार्यकर्ताओं पर निशाना साधा। कहा कि यह राजनीतिक मंच नहीं है, जो लोग हरी पगड़ी पहनकर पार्टी की पहचान दर्शा रहे हैं वह पगड़ी उतारकर रख लें।
मंच से इस तरह की बात होते ही इनेलो कार्यकर्ताओं ने अपनी पगड़ी उतार ली। इसके बाद मकड़ौली सरपंच सुमित माइक पर आए। उन्होंने बुजुर्गों की पगड़ी उतरवाने पर एतराज जताया। इसी बीच कुछ अन्य जाट समाज के लोग मंच के पास आए और पगड़ी उतारने वाली बयानबाजी पर आपत्ति जताई। काफी देर तक गहमागहमी के बाद आयोजकों ने स्थिति को संभाला। अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के जिलाध्यक्ष अशोक बल्हारा ने लोगों को शांत कराया और सभी वक्ताओं से कहा कि ऐसी बयानबाजी दोबारा से न की जाए।
हाईवे पर बनी जाम की स्थिति
जिस समय इनेलो नेता काफिले के साथ धरनास्थल पर पहुंचे रोहतक-पानीपत हाईवे पर जाम की स्थिति बन गई। इस बीच पुलिस कर्मियों ने किसी तरह जाम खुलवाकर वाहनों का आवागमन शुरू कराया। अभय चौटाला के लौटते समय भी कुछ देर तक हाईवे पर जाम के हालात रहे।