हरियाणा में जाटों को सरकार ने आरक्षण का हकदार बना दिया है। विधानसभा में पारित बिल के मुताबिक आरक्षण में शामिल किए गए नए नियमों को सरकार की मंजूरी मिल गई है। सरकार ने इस बिल को अधिसूचित कर दिया है। इसके साथ ही आज से हरियाणा में जाट कागजी तौर पर आरक्षण के हकदार हो गए हैं।
राज्य में वर्षों से जाट समुदाय की आरक्षण की यह मांग थी। पिछले दिनों हरियाणा में चारों तरफ हुए हिंसक आंदोलन के बाद विधानसभा में विधेयक पारित कर सरकार ने इस मांग को माना है।
बता दें कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर इकट्ठे हुए जाट नेता भी इस बात की मांग कर रहे थे कि हरियाणा सरकार इस विधेयक को जल्द से जल्द अधिसूचित करे। बढ़ते दबाव और चारों ओर से सरकार पर टिकीं जाट नेताओं की नजरों को देखते हुए यह विधेयक वीरवार को अधिसूचित हो गया है। सरकार की ओर से बीसी सी श्रेणी में जाट सहित 6 जातियों को 10 फीसदी आरक्षण देने का प्रावधान तय किया गया है।
गत 29 मार्च को हरियाणा विधानसभा के शीतकालीन सत्र में यह बिल पास कर सूबे की जाट सहित 6 जातियों को बीसी सी श्रेणी में आरक्षण दिया गया था। इनमें जट सिख, बिश्नोई, त्यागी, रोड, मुल्ला और जाट/मुस्लिम को शामिल किया गया है। विधानसभा सत्र के बाद यह बिल राज्यपाल के हस्ताक्षर के लिए भेजा गया था। राज्यपाल के हस्ताक्षर केसाथ ही यह प्रक्रिया भी पूरी हो गई थी। वीरवार को यह विधेयक अधिसूचित कर दिया गया।
टीसी गुप्ता, प्रधान सचिव अनुसूचित जाति एवं पिछड़ा कल्याण विभाग ने बताया कि आज नोटिफिकेशन पर हस्ताक्षर हो गए हैं। इसके साथ ही जाट आरक्षण के हकदार हो गए हैं।