यूपी के पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह
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जाट आंदोलन के दौरान उपद्रव और हिंसा की जांच रिपोर्ट प्रकाश सिंह कमेटी कल पेश करेगी। दोषी अफसरों पर गाज गिरना भी तय है। हिंसा और आगजनी से प्रभावित आठ जिलों का दौरा करने के बाद 71 दिनों में जांच पूरी करने वाली प्रकाश सिंह कमेटी ने अपनी 450 पन्नों की रिपोर्ट तैयार कर ली है। शुक्रवार को कमेटी यह रिपोर्ट मुख्यमंत्री मनोहर लाल को सौंपेगी।
रिपोर्ट में कुछ आईएएस और आईपीएस सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों की तरफ से बरती गई लापरवाही का ब्यौरा शामिल है। कमेटी की सिफारिश के आधार पर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। दूसरी ओर कुछ अधिकारियों की ओर से उत्कृष्ट कार्यों का प्रदर्शन करते हुए अपनी जिम्मेदारियां निभाने के मामले में पुरस्कृत के लिए भी कमेटी सिफारिश करेगी।
निर्धारित समय में पूरी नहीं हुई रिपोर्ट
प्रकाश सिंह कमेटी को जांच रिपार्ट सौंपने के लिए पहले 45 दिनों का वक्त दिया गया था। इसमें पूर्व डीजीपी प्रकाश सिंह के अलावा आईपीएस केपी सिंह (मौजूदा डीजीपी) के साथ वरिष्ठ आईएएस विजय वर्द्धन भी थे, लेकिन केपी सिंह को कुछ दिनों पहले हरियाणा के पुलिस महानिदेशक की जिम्मेवारी दी गई। जबकि अवमानना के मामले में अदालती कार्यों में वरिष्ठ आईएएस की व्यस्तता के बावजूद पूर्व डीजीपी ने रिपोर्ट में सभी बिन्दुओं पर किए गए अध्ययन को शामिल किया है। इन वजहों से ही रिपोर्ट सौंपने के लिए कमेटी ने अतिरिक्त समय मांगा था।
कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। सभी प्रभावित जिलों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच के बाद रिपोर्ट तैयार करने में 71 दिनों का वक्त लगा।
- प्रकाश सिंह, उपद्रव व हिंसा की जांच के लिए गठित कमेटी के अध्यक्ष