ऑडिट विभाग ने सीएचबी की ओर से पार्श्वनाथ डेवलपर को लौटाई गई राशि के साथ दिए गए ब्याज पर आपत्ति जताई है। इस मामले में हाउसिंग बोर्ड के चेयरमैन मनिंदर सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं। हाउसिंग बोर्ड ने आईटी पार्क की 123 एकड़ जमीन पार्श्वनाथ को बेचने के बाद वापस ले ली थी।
जिसके बोर्ड ने 572 करोड़ रुपये कंपनी को चुकाए थे। इस राशि पर कंपनी को बोर्ड ने 55 करोड़ रुपये का ब्याज भी दिया था। ऑडिट विभाग के अनुसार इस 55 करोड़ की राशि पर बोर्ड को साढ़े पांच करोड़ रुपये का आयकर काटना जरूरी था। लेकिन बोर्ड के उस समय के अधिकारियों ने ऐसा नहीं किया। जिस कारण बोर्ड को नुकसान हुआ है। यह जमीन पार्श्वनाथ को बोर्ड ने साल 2007 में बेची थी
बोर्ड इस जमीन को करेगा विकसित
वापस ली गई 123 एकड़ जमीन को अब हाउसिंग बोर्ड खुद विकसित करने जा रहा है। इस जमीन पर बोर्ड दो प्रस्तावों पर विचार कर रहा है। एक यहां पर 4 हजार से ज्यादा फ्लैट्स का निर्माण किया जाए। या फिर यहां प्लॉट काटकर बेचे जाएं। इतनी बड़ी प्राइम लोकेशन जमीन शहर में हाउसिंग प्रोजेक्ट के लिए कहीं भी नहीं है।
कॉमर्शियल जोन भी बनेगा
हाउसिंग प्रोजेक्ट के सिरे चढ़ने पर स्मार्ट सिटी के कॉमर्शियल जोन का भी निर्माण होगा। यहां कॉमर्शियल एरिया में शॉपिंग मॉल, होटल, क्लब हाउस के लिए भी जगह रखी जाएगी। एजुकेशन इंस्टीट्यूट, बस टर्मिनल के लिए भी यहां जगह रिजर्व होगी। स्ट्रीट लाइट्स सोलर एनर्जी से जलेंगी। रेन वॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम पर भी जोर होगा।