फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पंजाब: मजीठिया को घेरने में लगी सरकार को तगड़ा झटका, अस्थाना ने उठाए सवाल, पूछा- हाईकोर्ट में केस लंबित तो आगे जांच कैसे

Mon, 13 Dec 2021 11:38 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

इनवेस्टिगेशन ब्यूरो के निदेशक एडीजीपी सतीश कुमार अस्थाना मेडिकल लीव पर हैं। उन्होंने मजीठिया को घेरने की तैयारी कर रही पंजाब सरकार को तगड़ा झटका दिया है।
विज्ञापन
पंजाब सरकार - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

ड्रग मामले में अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार करने की तैयारी कर रही पंजाब सरकार को करारा झटका लगा है। पंजाब पुलिस के इनवेस्टिगेशन ब्यूरो के निदेशक एडीजीपी सतीश कुमार अस्थाना बीते शनिवार को मेडिकल लीव पर जाने से पहले सरकार को भेजे अपने जवाब में साफ कर गए हैं कि हाईकोर्ट में लंबित केस में अब कोई बदलाव नहीं किया जा सकता। यदि सरकार इस मामले में कोई जांच शुरू करती है तो उसे इस केस से अलग नए सिरे जांच माना जाएगा। हालांकि इस जांच के लिए भी हाईकोर्ट से अनुमति लेना भी जरूरी होगा।

विज्ञापन


अस्थाना के इस जवाब से साफ हो गया है कि वह सरकार के दबाव में कानून के विरुद्ध जाकर कोई कार्रवाई करने को तैयार नहीं हैं। अस्थाना ह्रदय संबंधी समस्या के चलते इस समय अस्पताल में भर्ती हैं लेकिन माना जा रहा है कि बीते एक माह में राज्य सरकार और पंजाब पुलिस की ओर से लगातार बदले जा रहे इनवेस्टिगेशन ब्यूरो के उच्च अधिकारियों का सरकार को साथ नहीं मिल पा रहा।

अस्थाना ने अपने पत्र में हाईकोर्ट के दिशा-निर्देश का उल्लेख करते हुए कई सवाल भी सरकार के सामने रखे हैं। उन्होंने उपमुख्यमंत्री/गृह मंत्री द्वारा मीडिया में दिए उस बयान का हवाला देते हुए कहा है कि सरकार ने विशिष्ट प्रश्नों पर लिखित रिपोर्ट देने के लिए मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव (गृह) और डीजीपी को शामिल करते हुए एक समिति का गठन किया है, इस पर कई सवाल उठाए हैं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

अस्थाना द्वारा उठाए गए सवाल

  • क्या एसटीएफ पर जांच करने के लिए कोई रोक है, क्योंकि सीलबंद रिपोर्ट का मामला उच्च न्यायालय में लंबित है।
  • क्या एसटीएफ पटियाला और फतेहगढ़ जिले में दर्ज मादक पदार्थों के मामलों को ले सकती है।
  • हरप्रीत सिंह सिद्धू को ड्रग मामलों की जांच करने वाली एसटीएफ का प्रमुख क्यों लगाया गया, जबकि उनके बिक्रम सिंह मजीठिया से पारिवारिक रिश्ते हैं।
  • क्या उन मामलों में आगे की जांच का आदेश दिया जा सकता है, जहां मुकदमा पहले ही समाप्त हो चुका है।
  • क्या इन मामलों में उच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त एसआईटी को छोड़कर किसी अन्य अधिकारी द्वारा पुन: आगे की जांच की जा सकती है।
  • अस्थाना ने पूछा है कि इस मामले में अब आगे बढ़ने से पहले राज्य के एडवोकेट जनरल से राय क्यों नहीं मांगी जा रही है।
  • जब एसआईटी की रिपोर्ट हाईकोर्ट में सीलबंद तथ्य के रूप में दाखिल है तो इस रिपोर्ट पर आगे बढ़ने का क्या औचित्य है।
  • सरकार की तरफ से एडवोकेट जनरल ने सीलबंद रिपोर्ट वापस भी मांगी लेकिन कोर्ट ने इसे लौटाने से इंकार कर दिया है। इस तरह हाईकोर्ट में पूरा मामला लंबित है और उस पर 11 जनवरी 2022 को सुनवाई होनी है, इसके बाद इस पर आगे बढ़ने का कोई कारण नहीं रह जाता।
  • अस्थाना ने यह भी कहा है कि जब ड्रग मामले में दर्ज सभी एफआईआर की जांच और पुन: जांच कर फाइनल रिपोर्ट दाखिल कर दी गई है, तो जांच या पुन: जांच के आदेश कैसे दिए जा सकते हैं।

अस्थाना के बजाय जूनियर अफसर के सहारे कार्रवाई की तैयारी

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, राज्य सरकार ने ड्रग मामले में बिक्रम सिंह मजीठिया को गिरफ्तार करने के उद्देश्य से अब इनवेस्टिगेशन ब्यूरो में अस्थाना से जूनियर अफसर आईजी गौतम चीमा को आगे लाने की तैयारी शुरू कर दी है। इस संबंध में सोमवार को चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री, गृह मंत्री और पंजाब पुलिस के डीजीपी इकबाल प्रीत सिंह सहोता के बीच बैठक भी हुई है। उल्लेखनीय है कि गौतम चीमा पर रेप मामले का केस लंबित है और सरकार अब उन्हें अपने दबाव में लेकर ड्रग मामले में नया काम करना चाह रही है
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें