पंजाब के बनूड़ की एक हाउसिंग सोसाइटी से इंटेलीजेंस ब्यूरो व पंजाब पुलिस के इंटेलीजेंस विंग की तरफ से रविवार को उठाए गए गाजी अहमद मलिक को जम्मू पुलिस के हवाले कर दिया गया है। सूत्रों से पता चला है कि गाजी अहमद पीडीपी के एक एमएलए के सिक्योरिटी गार्ड आदिल बशीर का जानकार था। बशीर कुछ दिन पहले अपने साथियों के हथियार लेकर भाग गया था।
इसके बाद उसकी फोटो कुछ आतंकियों के साथ वायरल हो गई थी। पंजाब पुलिस के सूत्रों के अनुसार बशीर के हथियार लेकर भागने से पहले गाजी से बात होने की बात सामने आई थी। जानकारी के मुताबिक इंटेलीजेंस ब्यूरो व पंजाब पुलिस के इंटेलीजेंस विंग के साझा ऑपरेशन के दौरान गाजी व उसके साथी मीर इमरान अहमद को उठाया गया था। लेकिन मीर अहमद को देर शाम खरड़ में छोड़ दिया गया था।
इसके बाद वह अपने साथियों के पास बनूड़ स्थित सोसाइटी में चला गया था। दोनों बनूड़ के एक नामी कॉलेज के सिविल इंजीनियरिंग के छात्र हैं। गाजी जहां दो साल से सोसाइटी में रह रहा था वहीं, मीर अहमद को आए हुए अभी बीस दिन ही हुए थे। रेड के दौरान पुलिस टीमें हाउसिंग सोसाइटी के फ्लैट में पहुंची थी। जहां पर अन्य कश्मीरी स्टूडेंट भी मौजूद थे। पुलिस ने उन्हें पहले आदिल बशीर की फोटो दिखाई थी।
साथ ही गाजी के बारे में पूछा था। गाजी और मीर अहमद उस समय सब्जी लेने गए हुए थे लेकिन उसके बाद पुलिस पार्टी दोनों को वहां से लेकर चली गई। इसके बाद कश्मीरी छात्रों ने बनूड़ थाने में अपने कॉलेज प्रबंधन के साथ जाकर दो छात्रों के गायब होने की शिकायत दी थी। यह रेड करीब तीन घंटे तक चली। इस दौरान पूरे कांप्लेक्स को सर्च किया गया।
बता दें कि है कि इससे पहले अप्रैल में राजपुरा व जालंधर से कश्मीरी युवक पकड़े गए थे। जो वहां पर पढ़ाई के लिए आए थे। लेकिन उनपर पांच सौ के करीब वेबसाइट हैक करने का आरोप था।
पुलिस कर रही अन्य विद्यार्थियों की पहचान
पुलिस ने भी अब कांप्लेक्स में रह रहे विद्यार्थियों की पहचान का काम शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी सुरिंद्रपाल सिंह ने बताया कि पुलिस ने मकान मालिकों को अपने-अपने किराएदार छात्रों के आधार कार्ड और अन्य जानकारी मुहैया करवाने को कहा है। ऐसा न करने वाले मकान मालिकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।