हरियाणा सरकार की वादाखिलाफी से खफा शहरी स्थानीय निकाय विभाग के 32 हजार कर्मचारी बुधवार सुबह 7 बजे से तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे। इससे प्रदेश में एक बार फिर से सफाई व्यवस्था चरमराने के आसार हैं। 5 अक्टूबर तक समझौते को हूबहू लागू न करने पर नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने हड़ताल बेमियादी करने की चेतावनी दी है।
24 मई को नगरपालिका कर्मचारी संघ के साथ तीन मंत्रियों की कमेटी ने अनेक मांगों पर सहमति जताई थी। नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के प्रदेशाध्यक्ष नरेश कुमार शास्त्री ने आरोप लगाया कि 16 दिन की हड़ताल के बाद शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंत्री कविता जैन की अध्यक्षता में गठित तीन मंत्रियों की कमेटी व नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के बीच 24 मई को हुए समझौते को लागू न कर सरकार ने कर्मचारियों को फिर से हड़ताल पर जाने के लिए मजबूर किया है।
संघ का शिष्टमंडल सर्व कर्मचारी संघ के महासचिव सुभाष लांबा के नेतृत्व में बीते 24 सितंबर को मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार एवं शहरी स्थानीय निकाय विभाग की मंत्री कविता जैन के पति राजीव जैन से मिला था और समझौते को लागू करवाने की मांग की थी। बावजूद अभी तक मानी गई मांगों की अधिसूचना जारी नहीं हुई है।
नगर पालिका कर्मचारी संघ के महासचिव जरनैल सिंह व उप महासचिव शिव चरण ने कहा कि 24 मई की वार्ता में तीनों मंत्रियों ने शहरी स्थानीय निकाय विभाग से सीवर, सफाई सहित फायर व अन्य तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की ठेका प्रथा समाप्त करने, ईपीएफ व ईएसआई का पैसा कर्मचारियों के खातों में जमा करने, एक्सग्रेसिया पॉलिसी बहाल करने सहित एक दर्जन मांगों पर सहमति बनाई थी, लेकिन सरकार ने मानी हुई मांगों को ईमानदारी से लागू नहीं किया। समझौता लागू कराने के लिए अनेक स्तर पर गुहार लगाई गई, मगर मंत्रियों व अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।
आवश्यक सेवाएं बाधित न करने का किया निर्णय
नगरपालिका कर्मचारी संघ हरियाणा ने नीतिगत निर्णय के तहत फायर सर्विस, बिजली व वाटर सप्लाई आदि आवश्यक सेवाएं बाधित नहीं करने का एलान किया है। आवश्यक सेवाओं में लगे कर्मचारी हड़ताल पर रहते हुए आपातकालीन स्थिति में सेवाएं देने का काम करेंगे।