जाट भवन में सभा करते जाट समुदाय के लोग।
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एक मई से जेल भरो आंदोलन की जाटों की चेतावनी के बाद खुफिया एजेंसी अलर्ट हो गई है। आला स्तर पर सुरक्षा को लेकर भी मंथन किया जा रहा है। जाट आरक्षण आंदोलन के दौरान हिंसा के मामले में गिरफ्तार किए जाने वालों की रिहाई की मांग को लेकर यह चेतावनी दी गई है।
शासनिक अधिकारियों ने जाट संगठनों से बातचीत भी शुरू कर दी है और उनको किसी तरह समझाने का प्रयास भी किया जा रहा है। वहीं खुफिया एजेंसियों को कहा गया है कि वह जाट नेताओं के संपर्क में रहे और किसी भी तरह की सूचना से तुरंत उच्च अधिकारियों को अवगत कराए। खुफिया एजेंसियों ने आंदोलन के बढ़ने का अंदेशा भी जताया है।