901 आवेदन अब तक पड़े हैं लंबित, सिर्फ 99 आवेदनों को दी गई है मंजूरी
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने 20 साल से सरकारी विभागों, बोर्डों, नगर निगम, नगर परिषद और नगर पालिका की भूमि पर बनी दुकानों व मकानों पर काबिज लोगों को जल्द मालिकाना हक देने के निर्देश जारी किए हैं। इन लोगों को यह हक मुख्यमंत्री शहरी निकाय स्वामित्व योजना के तहत दिया जाएगा। इस संबंध में अब तक 901 आवेदन आ चुके हैं। मगर विभाग ने अभी तक इस पर निर्णय नहीं लिया है। मुख्य सचिव इस पर नाराज भी दिखे। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि हर विभाग लंबित आवेदनों पर 15 दिन में फैसला ले। यदि इस समयाविधि में निर्णय नहीं लिया जाता है तो जिस विभाग की भूमि है, उसके जिला स्तर के अधिकारी का फैसला मान लिया जाएगा। अब तक सिर्फ 99 आवेदनों के संबंध में मालिकाना हक दिया गया है।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिया कि शहरी स्थानीय निकाय विभाग के आयुक्त एवं सचिव इस संबंध में सभी संबंधित विभागों के साथ नियमित तौर पर बैठक करेंगे और मुख्य सचिव कार्यालय को अपनी रिपोर्ट भेजेंगे। इसके अलावा रद्द किए गए सभी मामलों का भी अध्ययन करेंगे और बताएंगे कि निरस्तीकरण उचित था या नहीं। योजना के तहत हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड, सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग, मुद्रण एवं लेखन सामग्री विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी, हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण और राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के स्टेट नोडल अधिकारी पद नामित किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि बाकी बचे महकमों के निदेशक या महानिदेशक इस संबंध में स्टेट नोडल अधिकारी होंगे क्योंकि उन्होंने निर्णय लेने में देरी की है।