पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाब में उद्योग लगाने वाली कंपनियों को राहत देने के लिए सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाया गया है। इसके तहत 10 दिन के भीतर किसी भी उद्योग को हर तरह की मंजूरी मिल जाएगी। 11वें दिन उद्योगपति पूजा-पाठ कर अपना उद्योग का शुभारंभ कर सकते हैं।
सोमवार को चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारों की तरह कंपनियों को उद्योगों की मंजूरी के लिए साल तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा। भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति को अपनाया गया है। पंजाब में उद्योगों को सबसे सस्ती बिजली मिलेगी।
उन्होंने कहा कि आगामी 23-24 फरवरी को मोहाली में होने जा रहे इन्वेस्टर्स समिट में दुनिया भर से कंपनियां पंजाब पहुंच रही हैं। जर्मनी से कुछ कंपनियां दो दिन पहले ही पहुंचना शुरू हो जाएंगी। समिट को सरकार ने 9 सेक्टर में बांटा है, जिसके तहत एग्रो फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, हेल्थ केयर, पर्यटन, एजुकेशन, आईटी, र्स्टाटअप और एक्सपोर्ट आदि शामिल हैं। जापान, यूके, जर्मनी आदि देशों से निवेशक पंजाब पहुंच रहे हैं।
मान ने कहा कि हमने उद्योगों को आश्वस्त किया है कि उन्हें यहां उद्योग स्थापित करने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आएगी। उद्योगों को बिजली की निर्बाध आपूर्ति दी जाएगी। 2015 से बंद पड़ी झारखंड के पछवारा स्थित खदान से कोयला निकलना शुरू हो गया है। यहां से हर साल 70 लाख टन कोयला निकलेगा, जिसका इस्तेमाल बिजली उत्पादन में किया जाएगा।
सीएम ने कहा कि पहले की सरकारें सरकार का खजाना खाली होने का राग अलापती रहती थीं। आम लोगों को सुविधाएं देने के लिए सरकार का खजाना खाली नहीं है, बस नीयत साफ होनी चाहिए। हम पैसे की लीकेज रोक रहे हैं। धन का सही जगह उपयोग कर पंजाब को खुशहाल बनाया जाएगा।