दिल्ली में प्रदूषण स्तर के घटने के चलते अब एनसीआर क्षेत्र में आने वाले उद्योगों पर लगाई गई पाबंदियों में छूट दी गई है। अब हरियाणा के 14 जिलों में पांचों दिन 24 घंटों तक उद्योग चल सकेंगे। अलग-अलग वर्ग के उद्योगों को सप्ताह में दो के अलग-अलग दिन बंद रखने होंगे। वहीं मेडिकल, दूध और डेयरी से संबंधित उद्योगों को सातों दिन चल सकेंगे। हालांकि, इन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी, जो भी उद्योग प्रदूषण नियमों का उल्लंघन करेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली में दमघोटू प्रदूषण होने के चलते वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग की ओर से तीन दिसंबर को एनसीआर क्षेत्र के उद्योगों पर पाबंदियां लगाई थी। इसके तहत सप्ताह में पांच दिन और प्रतिदिन मात्र आठ घंटे उद्योगों को चलाने का निर्देश दिया था। शनिवार और रविवार को उद्योगों को बंद रखने को कहा गया था। इससे प्रदेश की हजारों औद्योगिंक इकाइयां प्रभावित हो गई थी।
ऑल इंडिया राइस एक्सपोर्ट एसोसिएशन, राइस मिलर्स एसोसिएशन, डेयरी एसोसिएशन समेत अन्य उद्योगों की एसोसिएशन इस फैसले का विरोध कर रही थी। हरियाणा के मिलर्स का तर्क था कि राइस मिल चलाने की प्रक्रिया 20 घंटे की है, ऐसे में आठ घंटे वाला फैसला बदला जाए।
उद्योगपति प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल से भी मिले थे। बाद में मिलर्स ने बैठक करके हड़ताल तक करने की चेतावनी दी गई थी। इसके बाद इस मामले की दोबारा से समीक्षा की गई और प्रदूषण स्तर कम होने के चलते उद्योगों को चलाने के लिए कुछ रियायतें दी गई हैं। गुरुवार को इसके आदेश जारी किए गए।
आदेश के अनुसार, पेपर की इंडस्ट्री सोमवार से शुक्रवार तक चलेंगी और शनिवार, रविवार को बंद रहेंगी। राइस मिल बुधवार से रविवार तक चलेंगे और सोमवार, मंगलवार को बंद रहेंगे। इसी प्रकार, टेक्सटाइल, गारमेंटस, डाइंग यूनिट शनिवार से बुधवार को चलेंगी और गुरुवार और शुक्रवार को बंद रहेंगी। दिल्ली से 300 किलोमीटर तक क्षेत्र में थर्मल पावर प्लांट केवल मांग के अनुसार ही चलाएं। साथ ही ट्रकों की एंट्री पर प्रतिबंध जारी रहेगा। केवल सीएनजी, इलेक्ट्रिक और जरूरी सेवाओं वाले ट्रकों को छूट रहेगी।
प्रदूषण स्तर कम होने के चलते इंडस्ट्री को चलाने को लेकर रियायत दी गई है। सभी उद्योगों को पर्यावरण नियमों का पालन करना होगा, बोर्ड लगातार इन पर निगरानी रखेगा। जो भी नियमों को तोड़ेगा उनके खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। सभी उद्योगों को मानक पूरे करने होंगे। -पी राघवेंद्र राव, चेयरमैन, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।