हरियाणा सरकार नई स्टार्टअप नीति ला रही है। इसमें ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं को मौका मिलेगा। आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही सब्सिडी भी मुहैया कराई जाएगी। गुरुवार को डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला ने सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक के बाद यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि नई नीति गांव के प्रतिभावान युवाओं को उनकी प्रतिभा दिखाने व आर्थिक रूप से संपन्न बनाने में गेमचेंजर साबित होगी। इससे ग्रामीण क्षेत्र व छोटे कस्बों के युवाओं को अपनी तकनीक राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। कॉलेज व यूनिवर्सिटी के युवाओं के लिए नए शोध व पेटेंट के क्षेत्र में आर्थिक सहायता उपलब्ध करवाई जाएगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे नीति में ऐसा प्रावधान करें, जिससे पिछड़े क्षेत्रों के युवाओं को कृषि, डेयरी व बागवानी जैसे क्षेत्र में अपने स्टार्टअप आरंभ करने की सुविधा हो। नई नीति राज्य के विकास और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देगी।
सूचना प्रौद्योगिकी, इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन विभाग के प्रधान सचिव अनिल मलिक ने बताया कि आजकल 99 प्रतिशत से अधिक स्टार्टअप आईटी पर आधारित हैं। नई नीति में शिक्षा, स्वास्थ्य व कृषि के क्षेत्र में भी स्टार्टअप चालू करने के लिए युवाओं को प्रेरित किया जाएगा। अगर कोई व्यक्ति नया स्टार्टअप शुरू करना चाहता है तो सरकार उसकी योजना को ध्यान में रखकर आर्थिक मदद भी करेगी।