चंडीगढ़। भारत सरकार के माइक्रो, स्माल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एमएसएमई) मंत्रालय के सहयोग से उद्योगपतियों की मदद के लिए पीएचडी चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री ने चंडीगढ़ में इंटेलैक्चुअल प्रापर्टी राइट्स फैलिस्टेशन सेंटर (आईपीआरएफसी) शुरू किया है। इस सेंटर का उद्देश्य चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा में आईपी कल्चर को बढ़ावा देने के साथ-साथ उद्यमियों, एमएसएमई और स्टार्टअप को प्रभावी आईपी संबंधित सेवाएं प्रदान करना है। आईपीआरएफसी स्टेरिंग कमेटी पंजाब के उपदेशक और हाईटेक इंस्डट्रीज के प्रबंध निदेशक आरएस सचदेवा ने बताया कि उद्योगपतियों को ट्रेडमार्क पंजीकरण, पेटेंट, कॉपीराइट्स, इंडस्ट्रियल डिजाइंस और ज्योग्राफिकल इंडीकेशन आदि पर मार्गदर्शन और सहायता प्रदान की जाएगी।
कमेटी के संयोजक और सीटी यूनिवर्सिटी के रिसर्च, इंडस्ट्री इंटरफेस एंड इनोवेशन के निदेशक डॉ. जेके शर्मा ने बताया कि आईपीआरएफसी विभिन्न औद्योगिक संगठनों और विश्वविद्यालयों के साथ करार कर आईपीआर समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर कर रहा है। इस संबंध में बहुत जल्द जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री की क्षेत्रीय निदेशक मधु पिल्लई ने बताया कि चंडीगढ़ स्थित यह सेंटर एमएसएमई, स्टार्टअप्स और उद्योगों के बीच बौद्धिक संपदा अधिकारों के बारे में जागरूकता बढ़ावा देने और अपनाने में मदद कर रहा है।
लघु उद्योग भारती चंडीगढ़ के प्रधान बने ओम अग्रवाल
लघु उद्योग भारती चंडीगढ़ यूनिट की नई कार्यकारिणी का गठन सर्वसम्मति से हुआ। कार्यकारिणी में ओम अग्रवाल प्रधान, राकेश रतन अग्रवाल उपप्रधान, संजीव गुप्ता महासचिव, अक्षय चुघ, अवि भसीन व सुनील कुमार को उप्रधान, सतीश चोपड़ा वित्त सचिव, अरुण शर्मा संगठन सचिव, युद्धवीर कौड़ा को मार्ग दर्शक नियुक्त किया गया है। संजीव गुप्ता ने बताया कि नई कार्यकारिणी लघु उद्योग की उन्नति और हित के लिए कार्य करेगी। कार्यकारिणी का कार्यकाल साल 2023 तक रहेगा।