जनगणना 2011 के मुताबिक, चंडीगढ़ में करीब छह लाख 78 हजार 188 लोग बाहर से आकर यहां बसे हैं। इनमें सबसे ज्यादा संख्या उत्तर प्रदेश के लोगों की हैं। साल 2011 में जब जनगणना हुई तो उस दौरान यूपी के एक लाख 83 हजार 247 रहते थे, जबकि पंजाब से एक लाख 43 हजार 340 लोग आकर चंडीगढ़ में बस गए थे।
इसी तरह से हरियाणा से 88 हजार 386, दिल्ली से 15224, हिमाचल के 60465 और उत्तराखंड के 32 हजार लोग आकर बसे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि माइग्रेशन की सबसे बड़ी वजह रोजगार है। चंडीगढ़ में रोजगार के साथ रहने का माहौल काफी अच्छा है। इस वजह से लोग चंडीगढ़ को तवज्जो देते हैं।
पाकिस्तान से भी आकर लोग बसे हैं चंडीगढ़ में
चंडीगढ़ में कई ऐसे लोग हैं, जिनका जन्म भारत के बाहर हुआ था और जनगणना के दौरान चंडीगढ़ के स्थायी निवासी बन चुके थे। इनमें सबसे ज्यादा पाकिस्तान के हैं। पाकिस्तान से आकर करीब 11646 लोग माइग्रेट होकर चंडीगढ़ में बसे हैं।
संभवत: ये लोग बंटवारे के वक्त पाकिस्तान से आए थे। नेपाल में जन्म लेने वाले करीब सात हजार 762 लोग चंडीगढ़ में बसे हैं। इसी तरह से अफगानिस्तान के 62, बांग्लादेश के 66, भूटान के 35, चीन के 14 लोग चंडीगढ़ में बसे हैं।
जनगणना 2011 के दौरान चंडीगढ़ में रहने वाले प्रवासी लोगों से यहां पर बसने की वजह भी पूछी गई थी। इनमें सबसे ज्यादा लोगों ने रोजगार बताया है। दो लाख से ज्यादा लोग रोजगार की वजह से चंडीगढ़ में बस गए हैं।
इनमें करीब 15 हजार महिलाएं भी शामिल हैं। करीब एक लाख दस हजार 477 लोग शादी की वजह से चंडीगढ़ में शिफ्ट हो गए। इनमें करीब एक लाख नौ हजार महिलाएं हैं, जबकि एक हजार 334 पुरुष शामिल हैं। साढ़े आठ हजार लोग बिजनेस के कारण चंडीगढ़ शिफ्ट हो गए। इनमें करीब 827 महिलाएं हैं।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट
पंजाब यूनिवर्सिटी के समाज शास्त्र विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर विनोद चौधरी ने बताया कि जो मजदूर तबका है, वो सारा यूपी, बिहार का है। दिहाड़ी मजदूर यदि अपने गृह प्रदेश में काम करता है तो उसे 150-200 रुपये मिलते हैं। वही मजदूर यदि चंडीगढ़ में काम करता है तो वह एक दिन में 500-700 रुपये कमा सकता है।
चंडीगढ़ का ऐसा इंफ्रास्ट्रक्चर है यहां पर लोग मुफ्त में भी रह सकता है। मैंने कई रिक्शा पूलर से बात की तो पता चला है कि वे दिन भर कमाते हैं और शोरूम के बरामदे में सो जाते हैं। इससे शोरूम मालिक को मुफ्त में एक सिक्योरिटी गार्ड मिल जाता है और लोगों को सोने की जगह। जो विदेश से यहां आकर बसे हैं, उसकी दो वजह है।
पहला एजुकेशन। अफगानिस्तान, इराक-ईरान से आने वाले लोग पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के लिए आते हैं। जो विकसित देश के लोग यहां पर आकर बसे हैं तो वे बिजनेस की वजह से यहां पर आए हैं। आज से तीन से चार दशक पहले जो भारतीय थाईलैंड में बस गए थे, अब उनके बेटे हिंदी व पंजाबी सीखने के लिए चंडीगढ़ आ रहे हैं। वे पंजाब के इलाकों से थाईलैंड में बिजनेस करते है और रहने के लिए चंडीगढ़ को चुनते हैं।
स्टेट लोग
जम्मू कश्मीर 5104
हिमाचल प्रदेश 60465
पंजाब 143340
उत्तराखंड 32711
हरियाणा 88386
दिल्ली 15224
राजस्थान 9367
उत्तर प्रदेश 183247
बिहार 53756
असम 1361
पश्चिम बंगाल 7432
झारखंड 3382
ओडिशा 2026
छत्तीसगढ़ 1253
मध्यप्रदेश 3807
गुजरात 1335
महाराष्ट्र 3625
आंध्र प्रदेश 1340
केरल 1376
तमिलनाडु 3020
सिक्क्मि 40
किस देश के कितने लोग चंडीगढ़ में बसे हैं
देश लोग
अफगानिस्तान 62
बांग्लादेश 66
पाकिस्तान 11646
नेपाल 7762
भूटान 35
चीन 14
इंडोनेशिया 13
ईरान 44
इराक 18
मलेशिया 36
यूके 125
कनाडा 135
यूएसए 267