नोटबंदी के फैसले के बाद आखिर आयकर विभाग हरकत में आ गया। इसी कड़ी में वीरवार को हाईवे पर बसे रियल एस्टेट प्रोजेक्टों पर दबिश दी। ट्राइसिटी में रियल एस्टेट कारोबार में नामी कंपनी गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स (जीबीपी) के यहां आयकर विभाग ने छापा मारा।
विभाग ने एक ही समय में ग्रुप के करीब आधा दर्जन प्रोजेक्टों पर दबिश देते हुए सारा रिकार्ड अपने कब्जे में ले लिया। खबर लिखे जाने तक विभाग की टीमें बिल्डर के दफ्तर में दस्तावेजों को खंगाल रही थी।
जानकारी के अनुसार, विभाग की टीमों ने दोपहर बाद अचानक छापे मारे। इनमें जीबीपी के डेराबस्सी मुख्य कार्यालय, जीरकपुर सेंटरम, आस्था प्रोजेक्ट, खरड़, चंडीगढ़ स्थित कार्यालयों के अलावा बरवाला मार्ग पर उसके रिहायशी प्रोजेक्ट की साइट्स को एक साथ निशाना बनाया गया।
विभाग में छापे की खबर कुछ ही देर में पूरे इलाके में आग की तरह फैल गई। इसकी सूचना मिलते ही जहां बड़े-बड़े बिल्डर अपने दफ्तर बंद कर फरार हो गए। वहीं छोटे-बड़े प्रॉपर्टी कारोबारी भी अपने दफ्तरों पर ताले जड़ दिए।
बता दें कि डेराबस्सी बेस्ड गुप्ता बिल्डर्स एंड प्रमोटर्स रियल एस्टेट कारोबार में करोड़ों की सालाना टर्नओवर वाला ग्रुप है। इसके डेराबस्सी, जीरकपुर और खरड़ में दर्जनों हाऊसिंग प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इसमें रिहायशी प्लॉट, फ्लोर, जीरकपुर में सेंटरम नाम से कॉमर्शियल प्लाजा, खरड़ में क्रिस्ट के नाम रिहायशी कॉलोनी सहित डेराबस्सी नामी रोज वुड के अलावा करीब एक दर्जन छोटी-बड़ी रिहायशी कॉलोनी काटी गई हैं।
इस ग्रुप के जीरकपुर, डेराबस्सी और खरड़ में एक दर्जन रिहायशी व कॉमर्शियल प्रोजेक्ट चल रहे हैं। इनमें जीरकपुर की चार एकड़ जमीन में जीबीपी की कॉमर्शियल प्रोजेक्ट सेेंटरम भी शामिल है।
बीते साल 19 मार्च को भी इन्हीं प्रोजेक्ट्स में आयकर विभाग की रेड पड़ी थी, जो दो दिन तक जारी रही थी।