नीरज चोपड़ा ने मिल्खा सिंह का सपना किया पूरा
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‘मुझे नीरज चोपड़ा से पूरी उम्मीद है कि वह देश के लिए ओलंपिक में स्वर्ण पदक जरूर जीतेगा’ उड़न सिख मिल्खा सिंह की यह बात शनिवार को सच हो गई। टोक्यो ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर जेवलिन थ्रोअर नीरज चोपड़ा ने न केवल मिल्खा सिंह के सपने को साकार किया बल्कि उन्हें अपने सबसे बड़ी श्रद्धांजलि पेश कर दी। ओलंपिक स्वर्ण पदक को उन्होंने उड़न सिख मिल्खा सिंह को समर्पित कर दिया।
देश के महान धावक स्वर्गीय मिल्खा सिंह जब तक जीवित रहे, वह हमेशा नीरज चोपड़ा से ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने की उम्मीद करते रहे। जीवन के आखिरी समय तक उनका सपना था कि उनके मरने से पहले देश का कोई युवा एथलेटिक्स में स्वर्ण पदक लाए। हाल ही में मिल्खा सिंह इस दुनिया से विदा हो गए लेकिन उनके सपने को नीरज ने साकार कर दिया। मिल्खा सिंह को पदक समर्पित करते हुए नीरज ने उन्हें नमन किया।
आज ऊपर पापा खुशी से रो रहे होंगे : जीव मिल्खा सिंह
उड़न सिख मिल्खा सिंह के बेटे पद्मश्री और अंतरराष्ट्रीय गोल्फर जीव मिल्खा सिंह ने नीरज चोपड़ा को बधाई देते हुए कहा कि आज ऊपर पापा खुशी से रो रहे होंगे। भावुक होकर मैं यह शब्द लिख रहा हूं। आज देश के लिए गर्व का क्षण है। नीरज की कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प को सलाम। उम्मीद है वह अपने खेल में और सफलता हासिल करेंगे।
13 साल पहले शहर के ही अभिनव बिंद्रा ने ओलंपिक में जीता था सोना
वर्ष 2008 में बीजिंग ओलंपिक में चंडीगढ़ के ही अभिनव बिंद्रा ने निशानेबाजी में देश को स्वर्ण पदक दिलाया था। उसके बाद से कोई भी खिलाड़ी स्वर्ण पदक लाने में कामयाब नहीं हो सका था। 13 साल बाद नीरज ने देश को ओलंपिक में स्वर्ण पदक दिलाया है। वहीं ओलंपिक के इतिहास में एथलेटिक्स में देश को कभी भी स्वर्ण नहीं मिला था। यह सूखा भी आज नीरज ने खत्म कर दिया।