हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार के आदेश को खारिज करते हुए कहा कि यह आदेश नियमों के विपरीत है। यदि कर्मचारी का आचरण सही नहीं है या फिर उसे गंभीर अपराध में दंड मिला है तो उसे सजा के तौर पर पेंशन या अन्य लाभ से महरूम रखा जा सकता है। यदि पत्नी का आचरण सही नहीं है या फिर वह गंभीर मामले में दोषी करार दी जा चुकी है तो भी वह फैमिली पेंशन व वित्तीय लाभ की हकदार है।
हरियाणा सरकार ने आदेश जारी करते हुए गलती की
हाईकोर्ट ने कहा कि हरियाणा सरकार ने आदेश जारी करते हुए गलती की है। यदि कर्मचारी की हत्या उसकी पत्नी करती है तभी उसे वित्तीय लाभ से वंचित रखा जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि सोने की अंडे देने वाली मुर्गी को कोई नहीं काटता। कोई पत्नी केवल वित्तीय लाभ के लिए कर्मचारी की हत्या न कर दे इसलिए नियम बनाया गया था।
फैमिली पेंशन एक कल्याणकारी नियम है जिसे कर्मचारी की मृत्यु की स्थिति में परिवार को वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए बनाया गया है। ऐसे में पत्नी किसी अपराधिक मामले की दोषी होकर भी फैमिली पेंशन की हकदार है। हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार को दो माह के भीतर याचिकाकर्ता को लंबित वित्तीय लाभ तथा फैमिली पेंशन जारी करने का आदेश जारी किया है।