फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Punjab News: आईएएस संजय पोपली को मिली छह दिन की जमानत, 29 जून को करना होगा आत्मसमर्पण

Wed, 21 Jun 2023 12:42 AM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

जमानत की समय अवधि में वह शहर से बाहर नहीं जा सकेंगे। साथ ही उन्हें पुलिस को अपना फोन नंबर भी शेयर करना होगा। अगर वह किसी भी तरह का नियम तोड़ते हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।
विज्ञापन
आईएएस अधिकारी संजय पोपली। - फोटो : फाइल
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

भ्रष्टाचार और आय से अधिक संपत्ति से जुड़े मामले में एक साल से जेल में बंद चल रहे आईएएस अधिकारी संजय पोपली को पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। उन्हें बेटे की पहली बरसी और बीमार पत्नी की देखरेख के लिए हाईकोर्ट ने शर्तों के साथ छह दिन के लिए जमानत दी है। वह 23 से 28 जून तक जमानत पर रहेंगे।

विज्ञापन


29 जून को उन्हें आत्मसमर्पण करना होगा। हालांकि जमानत की समय अवधि में वह शहर से बाहर नहीं जा सकेंगे। साथ ही उन्हें पुलिस को अपना फोन नंबर भी शेयर करना होगा। अगर वह किसी भी तरह का नियम तोड़ते हैं तो उन पर कड़ी कार्रवाई होगी।

विजिलेंस ब्यूरो ने गत साल 21 जून को उन्हें करनाल निवासी एक ठेकेदार की शिकायत पर गिरफ्तार किया था। ठेकेदार ने पोपली के खिलाफ एंटी करप्शन हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी। उनका आरोप था कि अधिकारी बिलों को क्लियर करने की एवज में एक फीसदी रिश्वत मांग रहे थे। यह बिल कांग्रेस सरकार के समय नवांशहर में सात करोड़ रुपये की सीवरेज परियोजना से जुड़े काम के थे। उस समय उक्त अधिकारी सीवरेज बोर्ड में सीईओ के पद पर तैनात थे।
विज्ञापन


आरोपी अधिकारी ने एक फीसदी के हिसाब से सात लाख रुपये की रिश्वत की मांग की थी। ठेकेदार संजय कुमार ने बताया कि इसमें से साढ़े तीन लाख रुपये संजय पोपली को जनवरी 2022 में दे दिए थे लेकिन अब कुछ समय से वह बाकी के साढ़े तीन लाख देने का दबाव बना रहे थे।

यह पहले आईएएस अधिकारी थे, जिन्हें नई सरकार के सत्ता में काबिज होने के बाद भ्रष्टाचार के केस में गिरफ्तार किया गया था। उनकी गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने काफी पड़ताल की थी। इस दौरान उन पर चंडीगढ़ पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। फिर उनके बेटे ने सुसाइड कर लिया था। हालांकि उस समय पारिवारिक सदस्यों ने पुलिस अधिकारियों पर भी आरोप लगाए थे। इससे पहले वह जमानत के लिए जिला अदालत से हाईकोर्ट तक याचिका लगा चुके हैं लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली थी।

विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें